भीमताल : समस्याओं पर क्षेत्र समिति की बैठक, डीएम रावत ने कई के समाधान के लिए तुरंत आदेश जारी किए

अधिकारी व जनप्रतिनिधि आपसी तालमेल से विकास कार्यों को और बेहतर तरीके से जनता को समर्पित कर सकते हैं। संवादहीनता से कोई कार्य योजना सफल नहीं हो सकता। यह बात राज्य के सिचाई एवं राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने विकास खंड भीमताल के सभागार में आयोजित क्षेत्र समिति की बैठक में कही।

आर्य ने कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा क्षेत्र की समस्याओं का अध्ययन किया जाता है, लेकिन अधिकारी क्षेत्रीय समस्याओं से अंजान रहते हैं, यह ठीक नहीं है। अधिकारियों विशेषकर निर्माण कार्य एवं जनहित से जुड़े विभागीय अधिकारियों को चाहिए कि वह क्षेत्र का भ्रमण करें, समस्याओं का संज्ञान लें और उनका निराकरण करें।

अधिकारियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता के मानकों का अनुपालन होना चाहिए। योजनाओं को विलम्ब से पूरा करने से लागत बढ़ जाती है।
आर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाज का बहुत बड़ा गरीब तबका समाज कल्याण की योजनाओं से आच्छादित है।

उन्होंने डीएम दीपक रावत से कहा कि समाज कल्याण की पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में समाज कल्याण के विशेष शिविरों का आयोजन कराएं, ताकि पात्र नए लोगों को पेंशन योजनाओं के लिए चयनित किया जा सके।

डीएम दीपक रावत ने कहा कि बीडीसी बैठक कार्यों की मॉनेटरिंग भी है, इसके साथ ही विकास खंड की जानकारियां भी प्राप्त होती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर ही निदान करना सुनिश्चित करें।

डीएम कहा, आज की बीडीसी में जो समस्याएं उठी हैं, उनका समय से निदान करें, इनकी पुनरावृत्ति कतई नहीं होनी चाहिए। दीपक रावत ने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि नहरों, नालों व सड़कों पर उगने वाली घास आदि को ग्रामीण स्तर पर श्रमदान आयोजित कर दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं में ग्राम विकास निधि के अन्तर्गत जो धनराशि मिलती है, उसका सदुपयोग गांव के छोटे-छोटे विकास कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।

डीएम दीपक रावत कहा, हमारा उददेश्य यह है कि रामगढ़ की तरह जिले का प्रत्येक विकास खंड ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के अन्तर्गत शतप्रतिशत शौचालयों से आच्छादित होना चाहिए, ताकि जिले मे प्रत्येक विकास खंड को निर्मल पुरस्कार मिल सके।
वजूनधूरा मोटर मार्ग की खराब गुणवत्ता तथा मलवा गांवों के मकानों पर डालने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने लोनिवि के सहायक अभियन्ता एमपीएस कालाकोटी तथा अवर अभियन्ता अमित रूसिया का वेतन रोकने के आदेश दिए।

जंगलियागांव-कैलाश मोटर मार्ग के 200मी. सड़क पर सफाई व गड्डे आदि के लिए दैवीय आपदा से धनराशि दिए जाने की सहमति दी तथा पीडब्लूडी को 200मी. सड़क तीन दिन के भीतर ठीक करने के निर्देश दिए। मंगोली-कालाढूगी मोटरमार्ग पर विशालकाय बोल्डर काफी समय से पड़ा होने की शिकायत पर उन्होंने एडीबी को एक हफ्ते के भीतर बोल्डर हटाने के आदेश देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के बाद बोल्डर नहीं हटा तो संबंधित अधिकारी के नाम से व्यक्तिगत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

डीएम ने बजून चैराहे के बन्द कलमठ को मंगलवार की शाम 5 बजे तक खोलने के आदेश दिए। उन्होने संयुक्त मजिस्टेट वंदना सिह को बजून-अघौड़ा मोटर मार्ग की गुणवत्ता की जांच एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडियाताल में मलवा आने तथा कैन्टीन द्वारा भी कचडा डालने की शिकायत पर उन्होंने फोटो तलब करने को कहा, ताकि कार्रवाई ही की सके।

जिलाधिकारी ने बीपीएल परिवार ग्राम अघौडा की स्व. तुलसी देवी के परिजनों के लिए जनश्री योजना से 20 हजार की धनराशि स्वीकृत की। ग्राम सांगुडी की गंगादेवी की दो साल से लम्बित पेंशन को भी डीएम ने मौके पर स्वीकृत किया। बतौर अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख गीता बिष्ट ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि व अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें व कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण क्षेत्रों में जाकर करें।

जिला पंचायत सदस्य डा. हरीश बिष्ट ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को समाज के हित में कार्य करना चाहिए तथा जनप्रतिनिधि व अधिकारी सही जानकारी के साथ बैठक मे प्रतिभाग करें।

बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया, कनिष्ठ प्रमुख सोनू बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य गणेश मेहरा, नीमा बृजवासी, क्षेत्र पंचायत सदस्य खीमराम आर्य, रीना आर्य, ज्योति महरा, महेश सिह भंडारी, प्रधान हिमांशु पांडे, मनमोहन कनवाल, प्रमोद सनवाल, गोविन्द नारायण, नवीन पलडिया, हरीश पलडिया के अलावा संयुक्त मजिस्टेट वंदना सिह, मुख्य विकास अधिकारी ललित मोहन रयाल के अलावा सभी विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।