35 दिन से धरने पर बैठे टिहरी बांध प्रभावितों ने अब आमरण अनशन शुरू किया

टिहरी जिले में बने बांध से प्रभावित चार गांव के लोगों के साथ पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले 35 दिन से धरने पर बैठे टिहरी बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

सरकार और प्रशासन पर बांध प्रभावितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए नंदगांव, लुणेटा-भटकंडा, रौलाकोट और पिपोला के लोग पिछले 35 दिन से पुनर्वास निदेशालय पर धरने पर बैठे हैं। लेकिन अभी तक पुनर्वास की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं होने से संघर्ष समिति के अध्यक्ष राणा ने आमरण अमरण शुरू कर दिया। धरने पर बैठे रमेश भट्ट और संजय भट्ट ने भी क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।

राणा ने पहले भी नौ जून से आमरण अनशन किया था, लेकिन अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत द्वारा मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने पांचवें दिन अनशन तोड़ दिया था।

राणा ने बताया कि 24 जून को मामले पर गठित मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में एक सप्ताह के अंदर पुनर्वास हेतु चयनित भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन कर भारत सरकार को भेजने, बैठक की कार्यवृति ग्रामीणों को उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो सप्ताह बीतने के बावजूद भी कार्यवाही नहीं हुई है।