अब बीजेपी में शामिल हो चुके बागी कांग्रेसियों की सदस्यता पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

कांग्रेस से बगावत करने के बाद बीजेपी का दामन थामने वाले बागी विधायकों की सदस्यता पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि 18 मार्च को उत्तराखंड विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और मंत्री रहे हरक सिंह रावत सहित कांग्रेस के नौ विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े हो गए थे।

इन बागी विधायकों की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने रद्द कर दी थी। इसके बाद बागियों ने नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट कोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट होते हुए यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार इस मामले की तारीख है।

18 मार्च को विधानसभा में वित्त विधेयक के दौरान हंगामा हर किसी को आज भी याद होगा। कांग्रेस के 9 विधायक बागी हुए और विधानसभा से निकलकर रात को बागी विधायक बीजेपी नेताओं के साथ राज्यपाल से मिले।

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बागी विधायकों ने राज्यपाल से विश्वासमत की मांग की और इसके बाद बीजेपी की बस में बागी दिल्ली रवाना हो गए। इसके बाद उत्तराखंड में सियासी संग्राम शुरू हो गया। 19 मार्च को राज्यपाल ने सीएम हरीश रावत को 28 मार्च तक बहुमत साबित के लिए कहा। इसी दिन कांग्रेस ने 9 बागियों की सदस्यता निरस्त करने की मांग को लेकर स्पीकर को चिट्ठी दी।

18 मार्च के ड्रामे के बाद से अब तक ये रहा पूरा घटनाक्रम :

  • 18 मार्च – 9 बागी विधायक विधानसभा में अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े हुए
  • 19 मार्च – राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च तक बहुमत साबित करने को कहा
  • 19 मार्च – कांग्रेस ने बागियों की सदस्यता निरस्त करने के लिए स्पीचर को चिट्ठी दी
  • 25 मार्च – बागियों ने सदस्यता समाप्त करने के नोटिस को दी चुनौती
  • 26 मार्च – मुख्यमंत्री हरीश रावत का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया
  • 27 मार्च – राज्य में राष्ट्रपति शासन की अधिसूचना जारी
  • 27 मार्च – स्पीकर ने बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त की
  • 28 मार्च – केंद्र के राष्ट्रपति शासन लागू करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच गए हरीश रावत
  • 29 मार्च – कांग्रेस के 9 बागी विधायकों ने हाईकोर्ट में दी याचिका सदस्यता समाप्त करने के विरोध में दायर की याचिका
  • 30 मार्च – हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने हरीश रावत को सदन में बहुमत साबित करने का दिया फैसला
  • 31 मार्च – एकल बेंच के फैसले के खिलाफ डबल बेंच में याचिका दाखिल
  • 7 अप्रैल – हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फ्लोर टेस्ट के सिंगल बेंच के फैसले को 18 अप्रैल तक किया स्थगित
  • 12 अप्रैल – बागी विधायकों की याचिका पर टली सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 23 अप्रैल तक टाली सुनवाई
  • 18 अप्रैल – राष्ट्रपति शासन के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट में शुरू हुई सुनवाई
  • 21 अप्रैल – हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति शासन किया समाप्त हाईकोर्ट ने 29 अप्रैल को फ्लोर टेस्ट का दिया आदेश
  • 23 अप्रैल – सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई अंतरिम रोक, 27 अप्रैल तक टली सुनवाई
  • 27 अप्रैल – सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल के फ्लोर टेस्ट पर लगाई रोक, साथ ही 3 मई तक के लिए सुनवाई टली
  • 3 मई – सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई अगले दिन यानी 4 मई के लिए टाल दी
  • 4 मई – सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से फ्लोर टेस्ट पर हां या नहीं में जवाब देने के लिए कहा, केंद्र ने मांगा 6 मई तक का समय
  • 6 मई – केंद्र ने फ्लोर टेस्ट के लिए भरी हामी, सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को फ्लोर टेस्ट कराने का दिया आदेश
  • 7 मई – हाईकोर्ट ने बागियों की सदस्यता मामले पर की सुनवाई, फैसला रखा सुरक्षित
  • 9 मई – हाईकोर्ट ने बागियों की याचिका की खारिज, स्पीकर के फैसले पर लगाई मुहर, बागी विधायक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट।
  • 9 मई – सुप्रीम कोर्ट ने बागियों को तत्काल राहत देने से किया इनकार, अगली सुनवाई की तारीख 12 जुलाई तय की।