16 जुलाई नीति आयोग की बैठक, हरीश रावत ने मोदी सरकार को घेरने के लिए बनाया प्लान

केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत नीति आयोग के गठन के कारण बदले फंडिंग पैटर्न का मुद्दा उठाएंगे।

आयोग के गठन से राज्य को नार्मल सेंट्रल प्लान (एनसीए), स्पेशल प्लान असेसमेंट (एसपीए), स्पेशल कैटेगिरी असेसमेंट (एससीए) और केंद्र पोषित योजनाओं में हुई कटौती से 1768 करोड़ का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर शासन ने पूरे नुकसान का खाका तैयार कर लिया है।

प्रधानमंत्री के साथ 16 जुलाई को होने वाली बैठक में राज्य सरकार केंद्र और राज्यों के बीच रिश्तों को लेकर मदन मोहन पुंछी की अगुवाई में बने पुंछी आयोग की सिफारिशों को लेकर भी अपना पक्ष रखेगी। नीति आयोग की प्लानिंग में राज्यों की कोई भूमिका नहीं होने पर राज्य सरकार एक प्रणाली विकसित करने पक्ष में है, जिसके तहत पंचवर्षीय योजना और वार्षिक प्लानिंग का कार्य हो सके।

मुख्यमंत्री हरीश रावत स्पेशल कैटेगिरी स्टेटस के तहत हिमालयी राज्यों का मुद्दा भी उठाएंगे। सरकार ऐसी राष्ट्रीय नीति की पैरवी करेगी, जिसमें हिमालयी राज्यों के लिए अलग से फंड मिले। ग्रीन बोनस में सालाना दो हजार करोड़ की मांग भी राज्य केंद्र से करेगा।

उत्तराखंड को हुआ नुकसान
9 केंद्र पोषित योजनाओं को डिलिंक करने से 135 करोड़ रुपये
केंद्र पोषित योजनाओं में 7 योजनाओं को बाहर करने से 140 करोड़ रुपये
14वें वित्त आयोग में क्षितिज अवमूल्यन से 356 करोड़ रुपये
स्टेट परफार्मेंस ग्रांट समाप्त करने से 200 करोड़ रुपये

ग्रांट जो रोकी गई
नार्मल सेंट्रल असेसमेंट : 1530 करोड़ रुपये
स्पेशल प्लान असेसमेंट : 350 करोड़ रुपये
स्पेशल कैटेगिरी असेसमेंट : 700 करोड़ रुपये

नीति आयोग का लाभ
केंद्र पोषित योजनाओं में केंद्रांश बढ़ने से 285 करोड़ रुपये अतिरिक्त
करों के अवमूल्यन (डी-वैल्युएशन) में हिस्सेदारी बढ़ाने से 1300 करोड़ रुपये अतिरिक्त
स्थानीय निकायों का ग्रांट बढ़ाने से 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त