उत्तराखंड में कुमाऊं के कई क्षेत्रों में सोमवार को जमकर बारिश हुई। भारी बारिश से पिथौरागढ़ में थल- मुनस्यारी मार्ग मलबा आने और सड़क धंसने के कारण पूरी तरह से बंद हो गया। चम्पावत में चल्थी के पास मलबा आने से दो घंटे पिथौरागढ़ हाईवे बंद रहा। बागेश्वर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और रुद्रपुर में भी झमाझम बारिश हुई।

कुमाऊं के सीमांत क्षेत्र आफत की बारिश नहीं थम रही है। दैनिक हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक पिथौरागढ़ से 58 किमी दूर मल्ला जोहार के पांछू में बादल फटने से कई भेड़ें जमींदोज हो गईं। पांछू ग्वार में एक लकड़ी का पुल भी बह गया है। तहसील मुख्यालय से बेहद दूर हुई बादल फटने की जानकारी क्षेत्र प्रमुख नरेन्द्र सिंह रावत ने तहसील प्रशासन को दी।

इसके बाद आपदा प्रबंधन, राजस्व के साथ दस लोगों की टीम को घटनास्थल के लिए भेजा गया है। बताया जा रहा है कि बादल फटने से वहां लगभग 453 भेड़ें मलबे में जमींदोज हो गए हैं। भेड़ों के जिस झुंड को लेकर लोग वहां गए थे, उसमें 555 बकरियां भी शामिल थीं।

इस घटना से कुछ दूरी पर टेंट लगाकर रह रहे चरवाहे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। माइग्रेशन विलेज होने के कारण वहां लोग इन दिनों बड़ी संख्या में गए हुए हैं। घटना में पाछू में एक लकड़ी के पुल के भी बहने की जानकारी है।

उपजिलाधिकारी ने बताया घटना की जानकारी के बाद टीम को रवाना कर दिया गया है, वास्तविक नुकसान की जानकारी आंकलन के बाद ही पता चल पाएगा।