केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उत्तराखंड सरकार को आगाह किया है कि कुछ विदेशी आतंकी देश और उत्तराखंड में गड़बड़ी फैलाने के लिए नेपाल सीमा से घुसपैठ कर सकते हैं।

यही नहीं जम्मू-कश्मीर के पंपोर से फरार दो आतंकियों को पकड़ने के लिए भी उत्तराखंड पुलिस को अलर्ट किया गया है। खतरों के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा तंत्रों के अलावा पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सीमा पर पुलिस के साथ एसएसबी ने चौकसी बढ़ा दी है।

बता दें कि 26 जून को पंपोर में आतंकियों ने सीआरपीएफ की बस पर हमला कर आठ जवानों को मार दिया था। घटना में शामिल दो आतंकी फरार हो गए। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड डीजीपी को चिट्ठी भेजकर 13 दिन पहले अलर्ट कर दिया था।

राज्य पुलिस ने इस मामले में स्थानीय गुप्तचर एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा एनआईए ने इनपुट दिया है कि आईएस और लश्कर-ए-तौयबा जैसे आतंकी संगठन देश में गड़बड़ी फैलाने के लिए घुसपैठ करा सकते हैं।

सीओ आरएस रौतेला ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस पहले से ही सतर्क हैं। स्वतंत्रता दिवस तक सीमा पर निगरानी बढ़ाने और सतर्क रहने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां, खुफिया तंत्र मिलकर सीमा क्षेत्र की निगरानी करेंगी।

एसएसबी 57वीं वाहिनी के कमांडेंट केसी राना ने बताया कि एसएसबी हमेशा सीमा पर मुस्तैदी से अपना कार्य कर रही है। इन दिनों एसएसबी जवान भी श्वान दस्ते के साथ सीमा क्षेत्र की निगरानी में लगे हैं।

एसएसबी 57वीं वाहिनी एफ कंपनी प्रभारी असिस्टेंट कमांडेंट गौतम सागर ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश का पालन करते हुए सीमा पर सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। उधर, धनुषपुल स्थित डी. कंपनी भी सीमा पर खास अलर्ट है। डी. कंपनी प्रभारी एसआई सोढ़ा कलजी ने बताया कि एसएसबी सीमा पर पूर्व की तरह पेट्रोलिंग कर रही है।