स्टिंग आपरेशन में फंसे यादव को सेवा विस्तार देने के मुद्दे पर सरकार असमंजस में

स्टिंग आपरेशन में फंसे उत्तराखंड उर्जा निगम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव को सेवा विस्तार देने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार असमंजस की स्थिति में है। यादव का कार्यकाल आगामी 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।

यादव का नाम मई महीने में तब सुखिर्यों में आया था जब एक स्टिंग आपरेशन में उन्हें कथित रूप से धन लेते हुए दिखाया गया था। कई टेलीविजन चैनलों पर दिखाया गया यह स्टिंग आपरेशन सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था।

स्टिंग आपरेशन के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपर सचिव नीरज खरवाल को स्टिंग आपरेशन प्रकरण की जांच सौंप दी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह जांच अभी तक आगे नहीं बढ पायी है और ऐसा माना जा रहा है कि इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जायेगा।

दूसरी तरफ, यादव चाहते हैं कि उन्हें एक और सेवा विस्तार के जरिये निगम की जिम्मेदारी पुन: सौंप दी जाये। भाजपा और आम आदमी पार्टी यादव को सेवा विस्तार देने का विरोध कर रही हैं और उनके खिलाफ सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं।

इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने कहा कि इसके बारे में समय आने पर उचित फैसला किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में समय आने पर जो भी उचित होगा किया जायेगा।’’