प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सबसे कम उम्र की मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके नाम से बनाए गए फर्जी ट्विटर हैंडल से सांप्रदायिक ट्वीट किए गए हैं।

बता दें कि अनुप्रिया के कथित फर्जी ट्विटर हैंडल को उनके मंत्री बनने पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और निर्मला सीतारमण ने भी उन्हें बधाई देने के लिए टैग किया हुआ है। अनुप्रिया का कहना है कि उनका आधिकारिक ट्विटर हैंडल इसी महीने बना है और उस पर अभी तक एक भी ट्वीट नहीं है, जबकि 423 फॉलोअर्स हैं।

अनुप्रिया के केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ ही देर बात ट्विटर हैंडल @anupriya_patel पर जिस तरह के ट्वीट हुए, उसने सभी को चौंका दिया। विवादास्पद ट्वीट में एक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया, जिन्हें बाद में हटा दिया गया।

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से पहली बार संसद बनीं 36 वर्षीय अनुप्रिया पटेल ने गुरुवार को ही पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। अनुप्रिया ने अपनी शिकायत में दिल्ली पुलिस प्रमुख से कहा, ‘मैं आपके संज्ञान में यह बात ला रही हूं कि भविष्य में इनका इस्तेमाल मेरी सामाजिक और राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए किया जा सकता है।

शिकायत में लिखा गया है, ‘मेरा आधिकारिक ट्विटर हैंडल @AnupriyaSPatel है। @anupriya_patel नाम वाले हैंडल से एक अपमानजनक ट्वीट किया गया है। शिकायत के साथ उसकी तस्वीर भेजी गई है। कृपया मामले की जल्द से जल्द जांच कराएं।

फर्जी ट्विटर हैंडल अगस्त 2014 में बनाया गया है और यह सस्पेंडेड है। इस पर 179 ट्वीट किए गए हैं, जबकि इस ट्विटर हैंडल के 5,000 फॉलोअर्स हैं।