उपनल कर्मचारियों को निकाला नहीं जायेगा लेकिन नियमित भी नहीं किया जा सकता : सीएम

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) में मार्फत विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।कांग्रेस के प्रांतीय मुख्यालय राजीव भवन में मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान ही फोन कर मुख्य सचिव को आदेश दिए। हालांकि, इससे पहले भी नौकरी से न हटाने का आदेश सरकार दो बार दे चुकी है।

मुख्य सचिव को इस बाबत विधिवत आदेश जारी करने को कहा गया है। साथ ही जिन पदों पर उपनल कर्मचारी काम कर रहे हैं, फिलहाल वहां स्थायी नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। सरकार कोशिश करेगी की वरिष्ठता के आधार पर भविष्य में उपनल कर्मचारियों को विभागीय संविदा में ले आया जाए।

उपनल कर्मियों की परमानेंट करने की मांग पूरा करने से मुख्यमंत्री ने विनम्रता से इनकार कर दिया। उपनल कर्मी इस मांग को लेकर 27 जून से हड़ताल पर है। रावत ने कहा कि कुछ संवैधानिक और तकनीकी बाध्यताओं की वजह से उपनल कर्मचारियों को परमानेंट करना सरकार के लिए मुमकिन नहीं है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आपदा को देखते हुए उपनल कर्मचारियों को आंदोलन वापस लेने की अपील भी की। लेकिन उपनल कर्मी हड़ताल वापस लेने को तैयार नहीं हुए। महासंघ के महामंत्री महेश भट्ट ने कहा कि आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। आदेश होने के बाद ही इस बारे में कुछ सोचा जा सकता है।