देहरादून जिले के विकासनगर में यमुना नदी में बुधवार शाम अचानक जल स्तर बढ़ने से 12 लोग नदी के बीच टापू पर फंस गए। दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कोतवाली पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बचा लिया।

दरअसल बुधवार को कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में क्रेशर की रोड़ी लेकर नदी से होते हुए कुल्हाल आ रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली में ड्राइवर सहित 12 लोग सवार थे, जिसमें अधिकांश मजदूर थे। शाम पौने पांच बजे अचानक नदी में जल स्तर बढ़ गया। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली बीच नदी में ही पहुंची थी।

नदी का जल स्तर बढ़ता देख सवार लोगों की सांसें थम गई। उन्होंने उफनती नदी को पार करने की कोशिश की, लेकिन जल स्तर तेजी से बढ़ रहा था। इसे देखते हुए सभी ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ने का फैसला किया। सभी एक-एक कर सुरक्षित नदी के बीच बने टापू पर पहुंच गए और मदद के लिए हाथों से संकेत देने लगे। आसपास के लोगों ने मजदूरों के फंसे होने की सूचना पुलिस को दी।

सूचना पर सीओ चंद्रमोहन सिंह और कोतवाल संदीप नेगी की अगुवाई में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस कर्मियों ने टापू पर फंसे लोगों से धैर्य बनाने की अपील की। तब तक एसडीएम हर गिरी, तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा और राजस्व कर्मी भी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस और कुछ स्थानीय साहसी युवक ट्यूब के सहारे टापू तक पहुंचे। एक-एक कर टापू पर फंसे सभी 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस टीम में एसएसआई नत्थी लाल उनियाल, चौकी प्रभारी कुल्हाल राजेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी हरबर्टपुर धर्मेंद्र रौतेला शामिल रहे।

तासीन, शेरा, कुरबान, तौफीन, इकराम निवासी मटक माजरी, तालिद, इसरार, सुरेश, मुकेश, पाल और रोहित आसपास के रहने वाले श्रमिक हैं, जिन्हें नदी पर बने टापू से सुरक्षित बचाया गया।