मोदी सरकार में कपड़ा राज्यमंत्री बने अजय टम्टा, उत्तराखंड को मिला प्रतिनिधित्व

अल्मोड़ा सीट से बीजेपी सांसद अजय टम्टा को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर समर्थकों में खुशी की लहर है। मंगलवार सुबह शपथग्रहण के बाद शाम होते-होते सभी नए मंत्रियों को विभाग भी बांट दिए गए। अजय टम्टा को महत्वहीन माने जाने वाले कपड़ा मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे मंत्रालय के कामकाम में नई कपड़ा मंत्री बनाई गई स्मृति ईरानी के साथ मिलकर काम करेंगे।

वैसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में अजय टम्टा को राज्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने एक तीर से दो निशाने साध लिए हैं। इसी बहाने पार्टी ने एक ओर राज्य में दलित व युवा कार्ड खेला है तो दूसरी ओर पार्टी की रणनीति आगामी विधानसभा चुनावों में दलित मतदाताओं को बीजेपी की ओर आकर्षित करने की भी है।

अभी तक इन्हें परंपरागत रूप से बसपा और कांग्रेस का वोटर माना जाता रहा है। टम्टा के बहाने कुमाऊं मंडल में पार्टी को मजबूती देने की भी कोशिश की गई है। बता दें कि मुख्यमंत्री हरीश रावत कुमाऊं मंडल से ताल्लुक रखते हैं और वैसे भी वहां कांग्रेस की स्थिति मजबूत मानी जाती है।

इसके बावजूद साल 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड की पांचों सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं और तभी से मोदी सरकार में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व मिलने का इंतजार था। इसको लेकर कांग्रेस भी बीजेपी पर निशाना साधती रही है कि पांच-पांच सांसद होने के बावजूद केंद्र में यहां से कोई मंत्री नहीं है।

दिग्गजों हुए किनारे, टम्टा को मिली जगह
मौजूदा सांसदों बीसी खंडूरी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यलक्ष्मी शाह और अजय टम्टा में से बीसी खंडूरी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। खंडूरी इस बार भी मंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन लगता है बढ़ती उम्र और खराब सेहत के चलते उनको कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई।

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का जब पहली बार विस्तार हुआ था, तब भी अजय टम्टा का नाम उछला था, लेकिन ऐन वक्त पर नाम कट गया था। इस बार हुए मंत्रिमंडल विस्तार में भी उत्तराखंड से भगत सिंह कोश्यारी और अजय टम्टा का नाम चर्चा में था और कयास लगाए जा रहे थे कि कोश्यारी को कैबिनेट व टम्टा को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन ऐन मौके पर सिर्फ टम्टा का नाम ही सूची में शामिल हो सका।

प्रदीप टम्टा का जवाब अजय टम्टा
बीजेपी के रणनीतिकारों का कहना है कि सोची समझी रणनीति के तहत टम्टा को केंद्र में राज्यमंत्री बनाया गया है। टम्टा को मंत्री बनाकर बीजेपी ने कांग्रेस के दलित कार्ड की काट चली है, जो कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में खेला था। वहीं दलित मतदाताओं को बीजेपी की ओर आकर्षित करने की भी यह कोशिश है।

इसके पीछे पार्टी की यह भी रणनीति रही है कि तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों में से किसी एक को अगर केंद्र में मंत्री बनाया जाता है तो दो अन्य नाराज हो सकते हैं। अब पार्टी के इन वरिष्ठ नेताओं को आने वाले दिनों में दूसरी अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद बीजेपी के केंद्रीय संगठन में बदलाव की प्रबल संभावना है। उम्मीद है कि इसमें उत्तराखंड को अहम जगह मिल सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किसी वरिष्ठ नेता को केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। अभी केंद्रीय संगठन में उत्तराखंड से कोई पदाधिकारी नहीं है। पूर्व में भगत सिंह कोश्यारी व डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।