भ्रष्टाचार पर सख्ती : DGP एमए गणपति ने बैठाई अपने ही अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय जांच

सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने अपने ही विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय जांच बिठा दी है। इसके पीछे बड़ी वजह अस्थायी राजधानी देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के पुलिसकर्मियों के खिलाफ खनन और शराब की तस्करी में सांठगांठ के साथ अवैध वसूली की लगातार मिल रही शिकायतें हैं।

उत्तराखंड में यह अपनी तरह की पहली जांच होगी। पुलिसकर्मियों के अलावा संबंधित थानों के एसओ और पर्यवेक्षण अधिकारी भी जांच के दायरे में होंगे। जांच में पुलिस कर्मियों की संपत्ति का भी आंकलन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर भ्रष्ट सरकारी मशीनरी के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत डीजीपी एमए गणपति ने अपने स्तर से नई पहल की है। राज्य की नदियों में व्यापक स्तर पर हो रहे अवैध खनन और शराब तस्करी समेत अन्य अवैध धंधों में पुलिस सांठगांठ किसी से छिपी नहीं है।

पुलिस भ्रष्टाचार की लगातार मिल रही शिकायतों पर सुधार की चेतावनी दी गई, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने से डीजीपी सख्त नाराज हैं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस प्रमुख ने विजिलेंस डायरेक्टर अशोक कुमार को देहरादून के ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कुंडा थाना क्षेत्र की पुलिस के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब की तस्करी कराने का आरोप है। हरिद्वार की कोतवाली पुलिस पर शराब के साथ खानपुर में अवैध खनन का आरोप है। खनन के अवैध कारोबार के बदले पुलिस मोटी रकम वसूल रही है।

ऊधमसिंह नगर के कुंडा इलाके में अवैध वसूली के आरोप है। विजिलेंस से इन आरोपों की गोपनीय जांच कराकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है, ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।