मोदी कैबिनेट में मंत्री बनेंगे अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा

मंगलवार सुबह होने वाले मोदी सरकार के नए मंत्रिमंडल विस्तार में उत्तराखंड के एक सांसद को जगह मिलने जा रही है। अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की खबर है। टम्टा को मंगलवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण कार्यक्रम में दिल्ली में मौजूद रहने का संदेश मिला है। संदेश मिलने के बाद अजय टम्टा पिथौरागढ़ का कार्यक्रम रद्द करके दिल्ली लौट गए हैं।

वह केंद्रीय मंत्री बनने वाले उत्तराखंड के पहले दलित नेता होंगे। माना जा रहा है कि 42 वर्षीय अजय टम्टा को केंद्र में मंत्री बनाकर बीजेपी ने आने वाले विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति वर्ग के साथ ही युवाओं को भी रिझाने की कोशिश की है।

करीब एक साल पहले केंद्र में बीजेपी सरकार के गठन के वक्त भी सांसद अजय टम्टा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा जोरों से हुई, लेकिन तब राज्य में बीजेपी की अंदरूनी राजनीति के चलते उन्हें शपथ लेने का मौका नहीं मिला। इस बार केंद्रीय नेतृत्व ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों भगत सिंह कोश्यारी, भूवन चंद्र खंडूरी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के बजाय अजय टम्टा को तरजीह देने का फैसला किया है।

अजय टम्टा पिथौरागढ़ के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के लिए हल्द्वानी से आगे निकल चुके थे, लेकिन संदेश मिलने के बाद वह दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली लौट गए। टम्टा के लिए यह इसलिए भी गौरव की बात होगी क्योंकि केंद्रीय मंत्री बनने वाले कुमाऊं के वह पहले दलित नेता होंगे।

उत्तराखंड राज्य बनने से पहले कुमाऊं से पंडित गोविंद बल्लभ पंत, नारायण दत्त तिवारी, केसी पंत, डॉ. मुरली मनोहर जोशी केंद्रीय मंत्री रहे। राज्य बनने के बाद पहले बची सिंह रावत और फिर हरीश रावत केंद्र में मंत्री रहे। जबकि गढ़वाल मंडल से स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा, ब्रह्म दत्त, बीसी खंडूरी, सतपाल महाराज, भक्तदर्शन आदि केंद्र में मंत्री बने।

आजादी से लेकर आज तक उत्तराखंड का कोई दलित नेता केंद्र में मंत्री नहीं रहा। जानकार मानते हैं कि फरवरी 2017 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले 42 वर्षीय अजय टम्टा को केंद्र में मंत्री बनाकर जहां बीजेपी ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को रिझाने की कोशिश की है।

वहीं पार्टी अजय टम्टा के सहारे युवाओं में भी पैठ बनाने की कोशिश करेगी। सोमेश्वर से दो बार विधायक रह चुके अजय टम्टा पूर्व में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वह बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन में कुछ अन्य पदों पर भी काम कर चुके हैं।