प्रतीकात्मक तस्वीर

मुस्तजर फारूकी। कालाढूंगी थाना क्षेत्र के अन्तर्गत गडप्पू चौकी हो या नैनीताल तिराहा। यहां पुलिस वाहन चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली में बुरी तरह से लिप्त है। शनिवार रात थाने में तैनात एसआई हरीश पुरी पर रात को चैकिंग के दौरान नैनीताल तिराहे पर एक पिकअप मलिक से अभ्रदता करते हुए नजायज पैसों की मांग का आरोप लगा है। गाड़ी मालिक इरफान कुरैशी ने अपने गाड़ी के पूरे कागजात सही होने की बात कही, जिस पर पिकअप मलिक इरफान के साथ एसआई ने कथित तौर गालीगलौच भी की।

इस घटना की लिखित शिकायत गाड़ी मालिक इरफान कुरैशी ने एसएसपी को भेजी है। इतना ही नहीं कुरैशी का आरोप है कि अक्सर शाम में यहां वाहन चेकिंग के लिए जमे पुलिस वाले चेकिंग के नाम पर वाहन के कागजात जांच करते हैं और ये पुलिसकर्मी वहां कागजात में कमी होने पर नाजायज राशि की मांग करते हैं। फिर सौ-दो सौ रुपये लेकर ऐसे वाहन मालिकों को छोड़ भी दिया जाता है।

यदि कोई वाहन मालिक पैसे देने में ना-नुकुर करे तो फिर ये पुलिसकर्मी वाहन मालिकों को गाड़ी सीज करने की धमकी देते हैं, जिला प्रशासन की सख्ती का आदेश इन पुलिसकर्मियों के लिए वरदान साबित हो जाता है। प्रशासन के आला अधिकारी समझते हैं कि उनके आदेश का यहां पालन हो रहा है, लेकिन यहां आधिकारियों के आदेशपालन की आड़ में ये वर्दी का रौब जमकर आम लोगों को लूटने के लिए जुट जाते हैं।

कई वाहन मालिकों ने इस मामले में शिकायत विभाग के आला अधिकारियों से भी की है, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लायी गई है। ये पुलिसकर्मी लोगों को तो हेलमेट तक नहीं पहनने पर लताडते हैं, लेकिन शहर में कई जगह इन पुलिसवालों को बिना हेलमेट के तीन-तीन सवार होकर मोटरसाईकिल चलाते देखा जा सकता है। यानी आम आदमी के लिए कानून अलग और इनके लिए कुछ और।

जाहिर सी बात है कि जिले के ऐसे पुलिसकर्मी नगर में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना पर पानी फेरने जैसा काम करने से पीछे हटने वाले नहीं है। घूस के आदी हो चुके कई पुलिसकर्मी विभाग की स्वच्छ छवि को धूमिल करने में लगे हैं।