कैलाश मानसरोवर की तीर्थ यात्रा कर लौटा पहला दल, भूस्खलन ने रोके कदम

कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी कर लौट रहे पहले दल के 55 यात्री रविवार सुबह अल्मोड़ा होते हुए हल्द्वानी को तो रवाना हो गए, लेकिन यात्रियों को डीडीहाट और थल के बीच सड़क बंद होने के कारण डेढ़ किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा। जो बसें यात्रियों को छोड़ने के लिए गई थीं, वह लामाघर के पास उस स्थान पर फंस गई, जहां सड़क बंद है।

यात्रियों को ट्रांशिपमेंट के जरिए चौकोड़ी ले जाया गया। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने लामाघर के पास दूसरे वाहनों की व्यवस्था की थी। चौकोड़ी पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक रमेश चंद्र जोशी ने बताया कि कैलाश यात्रा पर जा रहे छठे दल के यात्रियों को भी ट्रांशिपमेंट के जरिए ही आगे भेजा गया।

पहले दल को छोड़ने के लिए जो बसें आई थीं, उनको लामाघर में ही रोका गया है, ताकि उनमें छठे दल के 39 यात्रियों को आधार शिविर धारचूला तक पहुंचाया जा सके। पहले दल के यात्रियों ने दोपहर भोजन चौकोड़ी में किया। वहां से यात्री अल्मोड़ा होते हुए हल्द्वानी को निकल गए हैं। कैलाश यात्री रविवार सुबह डीडीहाट से रवाना हुए।

पिथौरागढ़ पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि सड़क मार्ग बंद होने से यात्रा दलों का सारा शेड्यूल बदल गया है। पहले दल के यात्री एक दिन एडवांस चल रहे थे। उनको एक जुलाई को रात्रि विश्राम के लिए पिथौरागढ़ आना था, लेकिन यात्री आधार शिविर धारचूला से ही आगे नहीं बढ़ पाए।

उन्होंने कहा कि यदि सड़क की स्थिति में सुधार नहीं आता है तो यात्रियों के निर्धारित शेड्यूल और रूट में बदलाव करना पड़ जाएगा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के सरकार और प्रशासन के दावों की पोल भी इस अव्यवस्था से खुल गई है।