हरक रावत ने हरीश रावत को बताया विनाश पुरुष, बोले- ‘राज्य में खरीदी हुई सरकार’

कांग्रेस से बगावत करके बीजेपी में शामिल होने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में इस समय चुनी हुई नहीं, बल्कि खरीदी हुई सरकार चल रही है। उत्तराखंड के लोगों की कमाई का हिस्सा विकास में न लगाकर सरकार बचाने में लगाया गया है। हरक सिंह रावत रविवार को सलेमपुर में रानीपुर विधानसभा के बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें विनाश पुरुष बताया।

पूर्व मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि ‘स्टिंग ऑपरेशन’ से सरकार का काला कारनामा उजागर हो गया है। हरीश रावत को सरकार में रहने का कोई हक नहीं है। प्रदेश उपाध्यक्ष मयंक गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी के विकास कार्य भारत ही नहीं पूरे विश्व में बोल रहे हैं। रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के प्रस्ताव नामंजूर करते हुए भेदभाव किया गया है। जनता कांग्रेस को अगले चुनाव में इसका जवाब देगी। जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर ने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला महामंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीता चमोली, पूर्व जिलाध्यक्ष काशीनाथ, पूर्व जिला महामंत्री करेश चंद्र जायसवाल, कार्यक्रम संयोजक बृजेश शर्मा, इंद्रराज दुग्गल, रानीपुर मंडल अध्यक्ष उपेंद्र शर्मा, बहादराबाद अध्यक्ष वीरेंद्र बोरी, मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष संजय चोपड़ा, विपुल डंडरियाल, विवेक चौहान, संगीत चौहान, विजय चौहान, चरण सिंह, प्रमोद सैनी, आनंद सिंह नेगी, विनय श्रोत्रिय, ऋषिपाल सिंह, सतीश कुमार आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूर्व कैबिनेट मंत्री बीजेपी नेता हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर फिर हमला बोलते हुए कहा कि वे कभी भी टीम भावना से काम कर ही नहीं सकते। दस विधायकों के कांग्रेस छोड़ने के बाद अब उनकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से ठन गई है जो सरकार बचाने के लिए उनके साथ खड़े थे। उन्होंने किशोर उपाध्याय को सलाह दी कि अगर कांग्रेस में उनका भी दम घुट रहा है तो वे भी हमारे साथ बीजेपी में शामिल हो जाएं।

रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को आयोजित बीजेपी के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने आए पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने स्थानीय अखबार अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले सभी विधायकों ने बार-बार मुख्यमंत्री से टीम भावना के तहत काम करने का आग्रह किया। प्रदेश के समग्र विकास और सभी के सम्मान की बात कही, लेकिन सीएम ने एक नहीं सुनी। आखिरकार राज्य के हित में उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी।

उनके कांग्रेस छोड़ने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें महत्वाकांक्षी और स्वार्थी बताया था। अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से भी उनकी पटरी नहीं बैठी रही है। उन्होंने कहा कि वैसे भी किशोर उपाध्याय को तो हरीश रावत अब टिहरी से टिकट लेने नहीं देंगे, क्योंकि वहां से तो वे दिनेश धनै को लड़ाएंगे ऐसे में किशोर उपाध्याय को बीजेपी में आ जाना चाहिए।

रानीपुर विधानसभा में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में बीजेपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के कथित स्टिंग की सीडी दिखाई।