पिथौरागढ़ : मलबे में दफन हुआ इकलौता बेटा नहीं मिला तो पिता ने फांसी लगाकर दी जान

पिथौरागढ़ में बस्तड़ी की आपदा से कई लोगों का परिवार खत्म हो गया। इस आपदा में कईयों ने अपनों को खो दिया। आपदा में बेटे का लापता होना एक पिता सहन नहीं कर पाए। पिता ने भी इकलौते बेटे के गम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार में अब पत्नी और बहू रह गई हैं।

पिता रामदत्त (60) पुत्र फकीर दत्त का इकलौता बेटा गिरीश मलबे में दब गया। घटना के बाद लगातार खोजबीन के बाद भी जब उसका कहीं पता नहीं चला तो राम दत्त घोर दुख की स्थिति में आ गए। गिरीश विद्युत विभाग में संविदा में नौकरी करता था। अब तक चली तलाश में गिरीश का कहीं पता नहीं चल पाया है।

राम दत्त ने शुक्रवार रात में किसी समय घर से निकलकर पास ही स्थित एक पेड़ में फंदा डालकर जान दे दी। रामदत्त के बाद घर में अब केवल उनकी पत्नी और बहू रह गई हैं। आपदा ने इस परिवार का सबकुछ छीन लिया है। रामदत्त की आत्महत्या से गांव के लोग भी दुखी हैं।

बस्तड़ी में मलबे में कई लोग और जानवर दबे हैं। घरों का सामान भी मलबे की भेंट चढ़ गया है। उमस भरी गर्मी में जानवर और दबे लोगों के सड़ने से दुर्गंध फैलने लगी है। प्रशासन ने दुर्गंध से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया है। शनिवार को राहत के काम में लगे सुरक्षाकर्मियों को दुर्गंध के कारण भारी परेशानी हुई। दुर्गंध की वजह से गांव रहने लायक नहीं रह गया है।