उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश कहर बरपा रही है। मौसम विभाग और राज्य सरकार ने लोगों को खास एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 36 घंटे देवभूमि पर भारी हैं। राज्य में भारी बारिश के चलते अब तक 39 लोगों की मौत की खबर है।

नंदप्रयाग में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है, जिसकी वजह से बद्रीनाथ जाने वाले सभी रास्ते बंद हो गए हैं। फिलहाल रास्ता खोलने की कोशिशें जारी हैं। राहत और बचाव की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। लेकिन रास्ते बंद होने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के चलते पिथौरागढ़ और चमोली में चल रहे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच चारधाम यात्रियों की भी मुसीबतें भी बढ़ गई हैं। उत्तरकाशी के लाटा में हुई भारी बारिश से गंगोत्री हाइवे बह गया है। जिससे सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जबकि राज्य में अलकनंदा नदी भी उफान पर है।


बारिश के चलते अस्थायी राजधानी देहरादून की नून नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया। जिसके चलते एक महिला नदी में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद महिला को नदी से बाहर निकाला गया। देहरादून की सौंग नदीं में भी एक युवक की जान पर बन आई। ये युवक जलस्तर बढ़ने की वजह से नदी में फंस गया। देहरादून के कालसी तहसील के नागठाट गांव में बादल फटा है। बताया जा रहा है कि इससे गांव को काफी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी है।

देहरादून के चकराता में भी काफी तबाही हुई है। यहां के मेसासा गांव में बादल फटने से 5 घर जमींदोज हुए हैं। वहीं बताया जा रहा है कि डर से सहमे लोगों ने गांव को खाली कर दिया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।