भारी बारिश से टूटी तमाम सड़कें, जौनसार बावर के 100 गांवों का देश-दुनिया से संपर्क टूटा

बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कों पर मलबा आ जाने की वजह से जौनसार बावर के 100 से ज्यादा गांवों का संपर्क देश और दुनिया से कट गया है। चकराता-कालसी, हरिपुर-कोटी-मीनस सहित क्षेत्र के 16 मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। कई जगह तो लोगों को 45-50 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।

शनिवार सुबह 10 बजे कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट, ककाड़ी खड्ड, लालढांग, शंभू की चौकी, चापनू, झड़वाला, भूतियाधार, सैंसा, पणायसा, कोथीधार के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। मार्ग के दोनों ओर कई वाहन फंसे हुए हैं।

लगातार पहाड़ी के दरकने से मलबा सड़क पर आ रहा है। ऐसे में लोनिवि को भी सड़क खोलने में खासा मशक्कत करनी पड़ रही है। इस मार्ग से जुड़े कई संपर्क मार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद हैं। इससे करीब 200 गांवों का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है।

इसके साथ ही हरिपुर-कोटी-मीनस मोटर मार्ग पर भी इछाड़ी के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया है। इससे 100 से अधिक गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। लोगों को पुरोला के रास्ते सफर करना पड़ रहा है। फसलों से भरे कई ट्रक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। इसके साथ ही कई बड़े और छोटे मोटर मार्ग भी जगह-जगह मलबा आने से बंद पड़े हैं।

ये मोटर मार्ग हैं पूरी तरह से बंद
साहिया-क्वानू, साहिया-माख्टी, साहिया-बडनू, साहिया-ककाड़ी, लालपुल-निथला-बिसोई, साहिया-उद्पाल्टा, लालपुल-रानीगांव, कोरूवा-क्वारना, बिजऊ बैंड-भुग्तार, मुंधीघाटी-धोईरा-देऊ, चकराता-लाखमंडल, चंदेऊ-सुजेऊ, मुशीघाटी-देऊ, गडोल-सकरोल, कोटी-डिमऊ डांडा, जोशीगांव-गोथान समेत 16 मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है।

पहली ही बारिश में ढह गए लाखों के बाढ़ सुरक्षा कार्य
पहली बारिश में ही सिंचाई विभाग की ओर से उदियाबाग खाले में कराए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की पोल खुल गई। तेज बहाव में समरफील्ड स्कूल के समीप करीब 300 मीटर हिस्सा बह गया। इससे विभागीय कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए काम किया जा रहा है।

हाल ही में शासन ने बुलाकीवाला से हरबर्टपुर तक करीब 12 किमी लंबे बरसाती खाले में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए 11 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इन दिनों सिंचाई निर्माण खंड अंबाड़ी खाले पर बाढ़ सुरक्षा कार्य करवा रहा है। खाले के अधिकांश हिस्से पर बाढ़ सुरक्षा कार्य हो चुके हैं।

शनिवार सुबह क्षेत्र में हुई तेज बारिश ने निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी। खाले में जल स्तर बढ़ते ही हरबर्टपुर में समरफील्ड स्कूल के सामने करीब बाढ़ सुरक्षा कार्य का 300 मीटर हिस्सा तेज बहाव में बह गया। एग्जक्यूटिव इंजीनियर सुनील कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य चल रहे हैं। ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया है। कोई भी नुकसान होने पर इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की है। यदि किसी जगह पर बाढ़ सुरक्षा कार्य ध्वस्त हुए हैं, तो उसकी मरम्मत ठेकेदार से कराई जाएगी।