आपदा पर CM हरीश रावत ने वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा जिलाधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वीडियो कान्फ्रेसिंग करते हुए कहा कि वर्षाकाल के दौरान सभी जिलाधिकारी अपनी टीम के साथ सक्रिय होकर कार्य करें तथा सूचनाओं को आदान-प्रदान त्वरित गति से करें। उन्होनें कहा कि बन्द सड़कों को त्वरित गति से खोलें इस हेतु सड़क के भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी तैनात रखें ताकि यातायात शीघ्रता से सुचारू किया जा सके।

पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड, ग्राम पहरी आदि को सक्रिय करें। आपदा से संवेदनशील गांवों को चिन्हित कर वहाँ के ग्राम परहरियों व प्रधान को सक्रिय करें, उनसे वार्ता कर गांव की यथास्थिति की जानकारिया नियमित ली जाती रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडब्लूडी, पेयजल, विद्युत विभाग के अधिकारी अपने क्षेत्रों में रहें तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, उप जिलाधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारियां लें व सड़क, पेयजल, विद्युत व्यवस्था सुचारू रखे, कार्याें में कौताही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

उन्होनें कहा कि पुल आदि टूटने की दशा में यातायात सुचारू करने हेतु प्रत्येक जिले में एक वैली ब्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये। उन्होनें निर्देश दिये कि वर्षा के दौरान आपदा में फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने एवं खाने, रहने आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जायें। उन्होनें कहा कि आपदाग्रसित गांवों में राशन आदि की व्यवस्था आपदा मद से की जाये तथा कैरोसिन आदि की भी कमी न रहे। आपदा क्षेत्र में राहत कार्य एवं राहत राशि त्वरित गति से वितरित की जाये। आपदा सूचना केन्द्र 24 घण्टे खुले रखें तथा उसमें नियमित अधिकारियों को तैनाती की जाये। उन्होंने आपदाग्रस्त जिलों को 04 करोड व पहाडी जिलों को 02-02 करोड तथा मैदानी जिलों को 01-01 करोड की धनराशि अवमुक्त करने के निर्देश भी दिये।

मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह ने कहा कि वर्षाकाल में कोई भी अधिकारी छुट्टी नहीं जायेगा। उन्होनें इस अवधि में सभी अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त की जाती हैं। उन्होनें कहा कि पहाडी क्षेत्रों में आपदा के दौरान चिकित्सा उपचार हेतु हल्द्वानी लाया जाता है, इसलिए जिलाधिकारी नैनीताल चिकित्सालयों में त्वरित उपचार व शय्याओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होनें जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वर्षाकाल आपदा को देखते हुए सभी सड़कों में रूट मजिस्ट्रेट तैनात करना सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में आगामी तीन माह के लिए खाद्यान्न, कैरोसीन के साथ ही पीएचसी आदि में दवाओं को भण्डारण भी कर दिया गया है। आपदा के मध्यनजर संवेदनशील सड़कों के दोनों छोरों में जेसीबी की तैनाती कर दी गयी है। ताकि भूस्खलन, मलवा आदि की दशा में यातायात शीघ्रता से सुचारू किया जा सके। जिला आपदा कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही 24 घण्टे अधिकारियों की तैनाती भी की गयी है। उन्होनें बताया कि सड़क, विद्युत, पेयजल महकमें को निर्देश दिये गये हैं कि वे क्षेत्रों में रहें तथा वहाँ पर आने वाली समस्याओं की त्वरित सूचना जिला आपदा कण्ट्रोल रूम को दें व समस्याओं को त्वरित निदान करें।

वीडियों कान्फ्रेसिंग में मुख्य विकास अधिकारी ललित मोहन रयाल, अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल, बीएल फिरमाल, अपर पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एलएम उप्रेती, मुख्य अभियन्ता लोनिवि बीसी बिनवाल, एनएच अय्याज अहमद, अधीक्षण अभियन्ता डीएस नबियाल, जेआर गुप्ता, दीप जोशी, प्रभागीय वनाधिकारी चन्द्रशेखर सनवाल सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।