ढाका आतंकवादी हमले में मारी गई 19 वर्षीय तारिषि जैन के रिश्तेदार बांग्लादेश जाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं। तारिषि के रिश्ते के भाई शिरीष जैन ने कहा, ‘हम विदेश मंत्रालय से बातचीत कर रहे हैं, क्योंकि सभी प्रियजन जल्दी से जल्दी ढाका पहुंचना चाहते हैं। तारिषि के माता-पिता के अलावा ढाका में परिवार से और कोई ढाका में मौजूद नहीं है।’

तारिषि के चाचा राजीव जैन ने बताया, ‘तारिषि बांग्लादेश में रहती है। वह अपने दोस्तों के साथ कैफे गई थी और उसे बंधक बना लिया गया। अभियान के बाद वह मृत मिली। वह 19 साल की थी। वह अमेरिका में पढ़ाई कर रही थी और माता-पिता के साथ छुट्टियां बिताने ढाका आई थी।’

अधिकारियों ने नई दिल्ली में बताया कि यूसी ब्रेकेली की छात्रा तारिषि छुट्टियों में आयी थी। उसके पिता पिछले 15-20 साल से बांग्लादेश में कपड़े का व्यापार कर रहे हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है आतंकवादियों ने तारिषि की हत्या कर दी है। ढाका आतंकवादी हमले में इस भारतीय युवती को बंधक बना लिया गया था।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने उसके पिता संजीव जैन से बात कर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इस दुखी की घड़ी में देश उनके साथ है।’

सुषमा ने ट्वीट किया, ‘हम परिवार के लिए वीजा का इंतजाम कर रहे हैं। मेरे अधिकारी इसमें लगे हुए हैं। हम तारिषि के चाचा राकेश जैन के साथ संपर्क में हैं।’

बदा दें कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात उच्च सुरक्षा वाले गुलशन राजनयिक क्षेत्र स्थित लोकप्रिय रेस्तरां में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकवादियों ने हमला कर दिया और 35 लोगों को बंधक बना लिया। इस हमले के जवाब में सुरक्षाबलों ने लगभग 10 घंटे चली कार्रवाई में 6 आतंकियों को मार गिराया, जबकि एक आतंकी पकड़ लिया गया, वहीं 13 बंधकों को छुड़ा लिया गया है।

छुड़ाए गए बंधकों में 3 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हमले की कड़ी निंदा की है। हमले में शामिल आतंकियों की संख्या 7 बताई जा रही है। बांग्लादेश की सेना ने जारी बयान में बताया कि हमले में 20 विदेशी नागरिकों की भी मौत हो गई है जिनमें तरिषी भी शामिल है।