छत्तीसगढ़ में बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पर मुंगेली जिले की महिला आरक्षक (कांस्टेबल) ने प्रताड़ना का आरोप लगाया है। राज्य के गृह मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को रायपुर में बताया कि बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पवन देव के खिलाफ पड़ोसी जिले मुंगेली की एक महिला कांस्टेबल ने प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई है।

अधिकारियों ने बताया कि मुंगेली पुलिस लाइन में पदस्थ एक महिला कांस्टेबल ने बिलासपुर के चकरभाटा थाने में और बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित शिकायत की है। महिला कांस्टेबल ने शिकायत में कहा है कि बिलासपुर के पुलिस महानिरीक्षक अक्सर आधी रात को फोन पर अश्लील वार्तालाप कर उसे अपने बंगले में बुलाने के लिए दबाव डालते थे। महिला सिपाही ने आईजी के साथ उसकी बातचीत की तीन ऑडियो क्लिपिंग भी जारी की है।

महिला कांस्टेबल के अनुसार यह ऑडियो क्लिपिंग उस समय की है जब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बिलासपुर दौरे के लिए उसकी 17 जून को बिलासपुर में ड्यूटी लगाई गई थी।

इधर, आईजी पवन देव ने ऑडियो क्लिपिंग में अपनी आवाज होने से इंकार किया है। आईजी का यह भी कहना है कि एक दिन पहले ही उन्होंने बिलासपुर जिले में पदस्थ थानेदार आशीष वासनिक को जांच के बाद नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। महिला कांस्टेबल से थानेदार के सम्बन्ध रहे हैं, इसलिए बदला लेने और उन्हें बदनाम करने के लिए महिला यह आरोप लगा रही है।

राज्य के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीआईजी) को मामले की जांच करने के लिए कहा है। जांच के बाद ही महिला कांस्टेबल की शिकायत की सच्चाई सामने आ सकेगी। इस मामले के सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग ने मामले को संज्ञान में लिया है।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय ने बताया कि मामले के सामने आने के बाद महिला आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। इस संबंध में मुंगेली जिले की पुलिस अधीक्षक और राज्य के पुलिस महानिदेशक से जानकारी मांगी गई है। वही महिला कांस्टेबल द्वारा जारी ऑडियो क्लिपिंग की भी जांच की जाएगी।

कांस्टेबल ने तीन मोबाइल कॉल रिकॉर्ड किए हैं, जिसमें दावा है कि आईजी नशे की हालत में बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस रिकॉर्ड में कहा जा रहा- ‘आओ मिलने के लिए, आओगी क्या… मैं गाड़ी में लेकर आऊंगा तुमको।’ इस दौरान महिला कांस्टेबल कह रही है- ‘आपको रातभर हो गया कॉल करते हुए। 2-2, 3-3 बज गया है अभी।’

महिला कांस्टेबल ने बताया, ‘2013 में मैंने जॉइनिंग दी, राजनांदगांव पीटीएस में ट्रेनिंग के दौरान आईजी पवन देव साहब राजनांदगांव आए थे। मुझसे पूछा कि कौन से जिले से हो, मैंने मुंगेली बताया। 20 जून 2014 को मेरी पोस्टिंग लोरमी थाना में हो गई। एक दिन मुझे फोन आया। मैंने उठाया, बोले- आईजी पवन देव बोल रहा हूं। उन्होंने मेरा हालचाल पूछा। बोले- लोरमी, मुंगेली में जो भी अवैध कार्य होते हैं, थानों में क्या गड़बड़ी होती है, मुझे बताना।’

उन्होंने आगे बताया, ‘आज से तुम मेरी मुखबिर हो। मैं हां बोली। इसके बाद वे लगातार फोन करते रहे। एक दिन उन्होंने कहा- तुम बहुत सुंदर हो, तुम्हारा फिगर बहुत अच्छा है, तुमसे बातें करना मुझे पसंद है। मुझे अटपटा लगा, लेकिन मैं जी सर-जी सर कहती रही। फिर उन्होंने कहा- मैं तुम्हारा ट्रांसफर आईजी ऑफिस करवा देता हूं, मैं तुम्हें रोज देखा करुंगा। महिला कांस्टेबल ने आगे बताया, आईजी एक दिन बोले- ‘मैं तुमसे मिलना चाहता हूं, तुम्हें प्यार करना है, किस करने जैसी बातें करने लगे। जब मेरी ड्यूटी बाहर लगती तो वे मुझे रात रुकने को कहा करते थे। लेकिन मैं किसी बहाने से टाल देती थी। जब मैं उनका फोन नहीं उठाती तो वे लोरमी आ जाते। धमकियां भी देते कि अगर मुझसे बात नहीं करोगी तो मैं ट्रांसफर कर दूंगा, सस्पेंड कर दूंगा। डर के कारण बात करती थी।’

बता दें कि महिला कांस्टेबल के पिता की मृत्यु हो चुकी है। मां अनुकंपा नियुक्ति पर हैं। घर में 4 छोटे भाई-बहन हैं। कांस्टेबल का कहना है कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी पर, अभी तक उसने अपने परिवार को आईजी द्वारा की गई हरकतों की जानकारी नहीं दी है।

आईजी, महिला कांस्टेबल के बीच बातचीत के रिकॉर्डेड अंश
(आरोप लगाने वाली कांस्टेबल युवती और पीड़िता ने स्थानीय अखबार ‘नईदुनिया’ को जो ऑडियो उपलब्ध करवाए, उन्हें यहां बगैर कांटछांट दिया जा रहा है, लेकिन इसकी प्रामाणिकता जांच का विषय है। दावा किया गया है कि इसमें आईजी पवन देव की आवाज है)

तारीख- 18 जून 2016, रात 2.30 बजे
पहला- ऑडियो

आईजी- हेलो
कांस्टेबल- हां… क्या बोल रहे हैं।
आईजी- कुछ नहीं, जाओ सो जाओ… घर आओगे क्या?
कांस्टेबल- मैं अभी कैसे घर आऊं…
आईजी- अरे मैं गाड़ी में लेकर आऊंगा तुमको।
कांस्टेबल- प्लीज सर समझने की कोशिश कीजिए, कल सुबह ड्यूटी लगा है।
आईजी- ठीक है कोई बात नहीं, कल सुबह ड्यूटी कर लो… चलो बाय, बाय… बाय।

तारीख- 18 जून 2016, रात 3.14 बजे
दूसरा- ऑडियो

आईजी की आवाज साफ नहीं थी…
कांस्टेबल- क्या बोल रहे हैं, समझ नहीं आ रहा है।
आईजी- चलो अच्छा किया, बहुत अच्छा किया तुमने… चलो बाय, बाय…
कांस्टेबल- मैं क्या कर रही हूं
आईजी- थैंक-यू… (यहां पर एक आवाज आई, जिसके मायने अश्लील हैं) मैडम… (आईजी की आवाज स्पष्ट नहीं है)
कांस्टेबल- अरे… क्या बोले…अरे जोर से बोलें, सुनाई नहीं दे रहा है।
आईजी- मैं गधा था, मैंने तुम पर विश्वास किया।
कांस्टेबल- मैंने क्या किया?
आईजी- कुछ नहीं जाओ, तुम खुश रहो, तुम मजा करो… बाय।
कांस्टेबल- रातभर हो गया कॉल करते हुए, कल हमारी ड्यूटी भी है। (आईजी ने कुछ कहा, यहां स्पष्ट नहीं है।) क्या-क्या बोलते हो, समझ नहीं आ रहा है।
आईजी- आओ मिलने के लिए, आओगी क्या?
कांस्टेबल- इस टाइम कैसे आऊं मैं…
आईजी- इस समय नहीं आ सकती तो मत आओ, कल आना मिलने… नहीं आ सकती तो मत मिलना कोई बात नहीं।
कांस्टेबल- रात में 4-4 बजने वाले हैं, 2-2, 3-3 बज गया।
आईजी- मैं कुछ नहीं बोलूंगा… चलो बाय, बाय… (आईजी ने कुछ कहा, यहां स्पष्ट नहीं है ऑडियो) चलो कोई बात नहीं, बाय, बाय… टेक केयर, गुड नाइट
कांस्टेबल- बाय।

तारीख- 18 जून 2016, रात 3.25 बजे
तीसरा-ऑडियो

आईजी- (यहां ऑडियो स्पष्ट नहीं है…)
कांस्टेबल- सुनाई नहीं दे रहा है।
आईजी- सो जाओ, बाय, बाय…
कांस्टेबल- दुबारा कैसे कॉल किए।
आईजी- क्यों…
आईजी- तुमने बोल दिया, नहीं मिलना है तो मत मिलो, कोई बात नहीं।