एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत देशभर के लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। दूसरी तरफ उत्तराखंड के पांच जिलों के 1263 स्कूलों के बच्चे शौचालय भवन के टूटने के बाद मरम्मत न होने के चलते दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

बच्चों की इन दिक्कतों को उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री- मंत्री प्रसाद नैथानी ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से इस चिंता को साझा करते हुए केंद्र से ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के तहत शौचालय मरम्मत के लिए 1416.67 लाख रुपये की ग्रांट जारी करने की गुहार लगाई है।

दिल्ली में शुक्रवार को उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद प्रसाद नैथानी ने दैनिक अखबार अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि स्कूलों में स्वच्छ पानी की व्यवस्था, शौचालय, शिक्षा का अधिकार के तहत केंद्र सरकार से राज्य को मिलने वाली आर्थिक ग्रांट नहीं मिली है।

इसी के संबंध में स्मृति ईरानी को विस्तृत रिपोर्ट दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया है। वहीं, 125 स्कूलों में स्वच्छ पानी के लिए 40 लाख रुपये की मदद भी अटकी पड़ी है।

नैथानी के मुताबिक, साल 2015-16 में रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, टिहरी आदि जिलों के 1263 स्कूलों में बरसात, भूकंप आदि के चलते शौचालय के भवन में नुकसान पहुंचा था। इसके लिए केंद्र ने पैसा देने पर हामी भारी थी, लेकिन अभी तक पैसे नहीं मिले।

शिक्षा मंत्री का कहना है कि साल 2011-12 से अब तक कुल 83,450 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला करवाया गया है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने 14765.81 लाख रुपये की धनराशि खर्च की थी। इस योजना में केंद्र से मिलने वाला पैसा अभी तक नहीं मिला है।