अस्थायी राजधानी देहरादून में हावड़ा गाड़ी के आगे दीवार गिरने से हुई देरी और तेज बारिश की वजह से रेलवे विभाग ने एक बार फिर हरिद्वार-देहरादून मार्ग पर गार्डर बदलने का काम टाल दिया। विभाग की ओर से 11 घंटे के ट्रैक बंद किया जाना था।

शुक्रवार रात 12:40 बजे ट्रेनो का संचालन बंद कर किया जाना था, लेकिन कार्यक्रम बदल जाने के कारण रात 2:50 बजे से हरिद्वार से गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अब यह कार्य अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है।

शुक्रवार की देर शाम रेलवे विभाग ने मोतीचूर और भीमगोड़ा में गार्डर बदलने के चलते 11 घंटे का रूट ब्लॉक का कार्यक्रम जारी किया था। जिसमें छह गाड़ियों को रद्द किया गया।

देहरादून से चलनी वाली तीन ट्रेनों के समय में बदलाव व हरिद्वार से देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली नौ गाड़ियों का हरिद्वार स्टेशन से संचालन किया जाना तय किया था। इसके बाद अचानक रात 10:30 बजे देहरादून से हावड़ा के लिए हावड़ा एक्सप्रेस के आगे पुश्ता गिर गया। जिस कारण हावड़ा, मसूरी, काठगोदाम और नंदा देवी देरी से हरिद्वार स्टेशन पहुंची। सवा एक बजे गाड़ियां हरिद्वार पहुंची जिसके बाद अधिकारियों ने तेज बारिश देख इंतजार किया।

बारिश न रुकने पर तीन बजे के करीब ब्लॉक को निरस्त कर दिया गया। जिसके बाद सभी गाड़ियों का संचालन कर दिया गया। इससे पहले रेलवे ने 29 जून को गार्डर बदलने की योजना बनाई थी लेकिन उसे भी रद्द् कर दिया गया था।

अधिकारियों के इस निर्णय से गुस्साए ठेकेदार हबीब अहमद ने कार्यस्थल पर ही खूब नाराजगी जताई। कहा वह काम कराने के लिए 12 लाख रुपये किराए पर मशीनें लेकर आया, लेकिन अधिकारी बिना पूर्व सूचना के काम को बार-बार टाल रहे हैं। ऐसे में उसका भारी नुकसान हो रहा है इसकी भरपाई कौन करेगा।

उसने चेतावनी दी कि वह इसके लिए विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा। वह अफसरों पर असहयोग करने का आरोप लगाते हुए चला गया। काम कराने के लिए मौके पर लाई गई भारी भरकम मशीनें बाद में मौके से हटाई गई।