पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से बीजेपी सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संभावित मुख्यमंत्री के चेहरे के साथ चुनाव लड़ेगी या बिना चेहरे के यह फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा, लेकिन असम में चेहरा देने का लाभ मिला। लोकसभा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के चेहरे का लाभ मिला।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों जगह बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। खुद को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब निर्णय करने का अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को है। एक सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि चीन की बाजार नीति का जवाब देने के लिए देश में जल्द ही नई स्टील नीति लागू की जाएगी। केंद्रीय आश्वासन समिति की बैठक में भाग लेने के लिए शुक्रवार को लखनऊ आए निशंक पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी की नीति या रणनीति फेल नहीं हुई है। हरीश रावत सरकार खुद ही गिर रही थी। उसे गिराने के लिए किसी रणनीति का जरूरत नहीं थी। जब हरीश रावत सरकार वित्त विधेयक नहीं पारित करा पाई तो स्वत: ही अल्पमत में आ गई थी। ऐसे में बीजेपी के पास राष्ट्रपति शासन के अलावा और क्या विकल्प था।

पोखरियाल ने कहा कि जब उत्तराखंड में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्टिंग ऑपरेशन को षडयंत्र बताया तो उन्होंने (निशंक) खुद इसकी आलोचना की थी। कहा था कि ‘स्टिंग ऑपरेशन’ का सच जानने के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। पर, ताज्जुब तो यह रहा कि हरीश रावत चुप बैठे रहे। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग ही नहीं की।

केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई के दुरुपयोग के सवाल पर निशंक ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है। केंद्र सरकार सीबीआई के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं करती। राज्यसभा चुनाव में मत न होते हुए भी अधिक उम्मीदवार उतारकर क्रॉस वोटिंग को बढ़ावा देने के सवाल पर कहा कि बीजेपी ने उम्मीदवार नहीं उतारा था। सिर्फ उसे समर्थन दिया था। बीजेपी का कोई इरादा क्रॉस वोटिंग का नहीं था।