बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। केदारनाथ आपदा से जो सबक लिया जाना चाहिए था, वह नहीं लिया गया। उसका परिणाम सामने है।

उन्होंने कहा, पहली बारिश में ही सरकार की तैयारियों की पोल खुल गई है। आपदा से पहले, आपदा के दौरान और इसके बाद जो तैयारियां होनी चाहिए थी, वह नहीं हैं। मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देते हैं कि आपदा प्रबंधन की तैयारी पूरी है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अजय भट्ट ने कहा कि मौसम विभाग की ओर से 78 घंटे तक अलर्ट था। इसके बाद भी तैयारियां पूरी नहीं थी। चमोली जिले से जो सूचना मिली है उसके मुताबिक जानकारी के बाद भी वहां राहत कार्य देर से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा पर किसी का जोर नहीं है, लेकिन हम इससे बचाव की तैयारी तो कर सकते हैं।

कहा कि मुख्यमंत्री तो सरकार और पार्टी में चल रहे अंतर्कलह से जूझ रहे हैं। आपदा प्रबंधन की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। उन्होंने मांग की कि शुक्रवार को जिन जिलों में आपदा आई है, वहां तत्काल राहत कार्य शुरू किया जाए। जिन इलाकों में भी सड़कें बंद हुई हैं, मार्ग तुरंत खोले जाएं।

उन्होंने कहा, शुक्रवार को आई आपदा में जिन लोगों की जान गई और जो हानि हुई है, उसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के जिलाध्यक्षों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री के प्रवक्ता और मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट को थोड़ा धैर्य बनाए रखने की अपील की है। कहा कि जून-2013 में आई आपदा के सभी विशेषज्ञ तो अब उन्हीं के कंधे पर सवार हैं। उनसे लिए गए सबक की जानकारी जनहित में उन्हें सार्वजनिक कर देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस समय सारा ध्यान आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत के लिए होना चाहिए, मगर बीजेपी आपदा में सुझाव देने की जगह इस पर राजनीति करना चाहती है। बताया कि सरकार और अधिकारियों की सर्तकता के कारण कई लोगों की जान बचाने में राज्य सरकार सफल हुई है। सभी जिलाधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी सहित स्थानीय प्रशासन तत्परता से बचाव कार्य में लगा हैं।

यदि अजय भट्ट के पास कोई महत्वपूर्ण सुझाव है तो उन्हें अवश्य देना चाहिए। सुरेंद्र कुमार ने लोकायुक्त चयन पर सर्च कमेटी संबंधी बीजेपी नेताओं के बयान पर घेरते हुए कहा कि लोकायुक्त सर्च कमेटी के चयन पर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का भी योगदान रहा है। यदि कोई कमी रही है तो उन्हें अपने विचार लिखित में दर्ज कराने चाहिए थे। कमेटी बनाने में कोई त्रुटि हुई है तो अजय भट्ट भी उसमें दोषी हैं।