‘तेजस’ विमान का पहला दस्ता वायुसेना में शामिल

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने यहां शुक्रवार को अपने दस्ते ‘फ्लाइंग डैगर्स 45’ में दो स्वेदशी हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ को शामिल कर लिया। साउदर्न एयर कमांड एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन चीफ एयर मार्शल जसबीर वालिया को यहां एक समारोह में सरकारी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष टी. सुवर्ण राजू ने स्वदेशी लड़ाकू विमानों से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज सौंपे।

भारतीय वायुसेना के परीक्षण पायलट और फ्लाइंग डैगर्स ग्रुप के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन माधव रंगाचारी ने बादल व तेज हवाओं के बीच वायुसेना के एयरक्राफ्ट सिस्टम टेस्टिंग एस्टैब्लिश्मन्ट से करीब 10 मिनट तक एक तेजस को उड़ाया।

तेजस दुनिया में अपनी तरह का पहला लड़ाकू विमान है, जिसे सरकारी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने डिजाइन एवं विकसित किया है, जबकि इसे तैयार एचएएल ने अपने बेंगलुरू परिसर में किया है।

यह नवीनतम सैटलाइट-एडेड इनर्शल नैविगेशन प्रणाली से लैस है। इसमें एक डिजिटल कंप्यूटर आधारित घात प्रणाली एवं एक ऑटोपायलट भी है।

तेजस चार टन वजनी हथियार एवं हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और लैजर निर्देशित बम ढोने में समर्थ है।