पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार सुबह लैंडस्लाइड होने से करीब 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। पिथौरागढ़ में अब तक 25 और चमोली में 9 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्‍टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि नोलडा, सिंघालि और बलतडी में बारिश से सबसे ज्‍यादा तबाही हुई हैं।

इस घटना पर मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों से बात हो गई है। उन्‍होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र धारचूला में भी में काफी नुकसान हुआ है।

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स्‍थानीय लोगों ने बताया कि गुरुवार रात से इलाके में भारी बारिश हो रही थी। बारिश के बाद इस इलाके के 12 से ज्‍यादा घर तबाह हो गए। साथ ही यहां की संचार और सड़क सेवाएं भी बंद हो गई हैं।

अस्थायी राजधानी देहरादून ऑफिस से इलाके के प्रशासनिक अफसरों का संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों को कहना है कि आपदा प्रबंधन की टीम को इसकी सूचना दे दी गई है, जल्‍द ही वह प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो जाएंगी। उधर, गढ़वाल में भी भारी बारिश ने चार धाम यात्रा को प्रभावित किया है।

राज्यपाल ने जताया दुख
गुरुवार रात से पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण जान-माल की क्षति पर राज्यपाल डॉ. कृष्ण कान्त पॉल ने गहरा दुःख और चिंता व्यक्त की है। उन्हें उम्मीद है क़ि आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रो में यथाशीघ्र अपेक्षित राहत पहुंचेगी।

राज्यपाल ने कहा है क़ि आपदा प्रबंधन से सम्बंधित सभी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बचाव एवं राहत कार्यों को देखें। मानसून की शुरुआत में उत्पन्न इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।