उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली और चंपावत जिलों में बादल फटने और कई अन्य जिलों में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग ने भी समूचे उत्तराखंड और खासकर कुमाऊं के जिलों के लिए 72 घंटे का अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए नैनीताल के डीएम दीपक रावत ने 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों ने शनिवार 2 जुलाई को छुट्टी घोषित कर दी है। इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक रावत वे आदेश जारी कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बादल फटने से हुई भारी बारिश के कारण हुई मौतों पर शोक प्रकट किया और उम्मीद जतायी कि वहां जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल होगी। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बादल फटने और भारी बारिश के कारण हुई मौतों पर मैं दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं।’

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, चमोली और पिथौरागढ़ में बादल फटने की घटना बेहद दुखद हादसा है। प्रभावित जगहों पर आपदा प्रबंधन टीम को भेजा जा चुका है। मैं और मुख्य ‌सचिव खुद घटना को मॉनिटर कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से दो-दो लाख का मुआवजा दिया जाएगा।

gaula-riverउल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण गांव में काफी ग्रामीण फंस गए। बादल फटने की इन घटनाओं में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 25 अन्य के लापता होने की खबर है।

गुरुवार रात से पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण जान-माल की क्षति पर राज्यपाल डॉ. कृष्ण कान्त पॉल ने गहरा दुःख और चिंता व्यक्त की है। उन्हें उम्मीद है क़ि आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों के अनुरूप प्रभावित क्षेत्रो में यथाशीघ्र अपेक्षित राहत पहुंचेगी।

राज्यपाल ने कहा है क़ि आपदा प्रबंधन से सम्बंधित सभी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं बचाव एवं राहत कार्यों को देखें। मानसून की शुरुआत में उत्पन्न इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।