AIIB और NDB विश्व बैंक को चुनौती देंगे : जिम यॉन्ग किम

विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष जिम यॉन्ग किम ने गुरुवार को कहा कि नव विकास बैंक (एनडीबी) तथा एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के लिए वित्तपोषण की काफी गुंजाइश है। ये नई बहुपक्षीय एजेंसियां पुराने संस्थानों के लिए चुनौती पेश करेंगी।

उन्होंने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘दो नए बैंक एआईआईबी तथा एनडीबी हैं। यदि आप दुनियाभर में बुनियादी ढांचा विकास की जरूरत को देखें तो यह हर साल 1,000 से 1,500 अरब डालर बैठेगा। ऐसे में यदि आप इस तरह के सभी बैंकों को भी एक साथ रखें तो भी हम इस मांग को पूरा नहीं कर सकते।’

किम ने कहा कि एनडीबी और एआईआईबी के लिए काफी गुंजाइश है। मुझे लगता है कि यह अच्छी चीज है कि नए संस्थान हमारे जैसे समूहों को चुनौती दे रहे हैं। ‘हमें विशेष लाभ को नए सिरे से परिभाषित करना होगा और हम जो कर रहे हैं उसे और बेहतर तरीके से करना होगा।’

किम ने कहा कि विश्वबैंक इस तरह के सभी संस्थानों से संबंध कायम रखेगा। कोटा सुधारों के बारे में पूछे जाने पर किम ने कहा कि इससे संबंधित विभिन्न मुद्दों पर स्थिति अगले साल कुछ स्पष्ट होगी, क्योंकि यह काफी जटिल व्यवस्था है।

किम ने कहा हालांकि, कोई भी यह कह सकता है कि चीजें उस तेजी से आगे नहीं बढ़ रही है जैसा कि खुद पीएम मोदी चाहते हैं। ‘यह उपलब्धि वास्तविक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत काफी बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और लेकिन इससे हमारे समक्ष और बेहतर होने की चुनौती है।’

पीएम मोदी के साथ मुलाकात के दौरान किम ने पीएम के ‘स्मार्ट सिटी’, गंगा पुनरद्धार, कौशल विकास, ‘स्वच्छ भारत’ और सभी के लिए बिजली जैसे कार्यक्रमों के लिए विश्व बैंक की तरफ से सक्रिय एवं पूर्ण समर्थन का वादा किया।

किम ने नई दिल्ली में सवाददाताओं से कहा, ‘मैं पीएम मोदी से उनके प्रधानमंत्री बनने के सात महीने बाद मिला था। मेरा मानना है कि वह विश्व बैंक को हमसे बेहतर समझते हैं क्योंकि उन्होंने ‘स्वच्छ भारत’, चौबीसों घंटे बिजली जैसे प्राथमिक क्षेत्रों के लिए विशेष मांगे रखनी शुरू कर दीं।’

उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। ब्रेक्जिट हो गया और भारत ने अपनी मजबूती साबित कर दी। मुद्रास्फीति नीचे है। आर्थिक वृद्धि की रफ्तार मजबूत बनी हुई है, भुगतान संतुलन की स्थिति भी अच्छी है। कुल मिलाकर आप कह सकते हैं कि उन्होंने आर्थिक तौर पर अच्छा काम किया है।’

किम ने साफ सफाई से जुड़े ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को ‘अद्भुत’ बताया। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त क्षेत्र दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि खुले में शौच एक गंभीर समस्या है। मोदी महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं और समस्या के समाधान के लिये शौचालय का निर्माण करवाते हैं।