पाकिस्तान को पूरी तरह अलग-थलग करने की नीति अपनाए : अमेरिकी राजनयिक

अमेरिका के पूर्व शीर्ष राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका को पाकिस्तान के खिलाफ ‘पूरी तरह अलग-थलग करने’ की नीति अपनानी चाहिए ताकि उसे यह संदेश दिया जा सके कि यदि वह तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को सहयोग करके अफगानिस्तान को अस्थिर करना जारी रखता है तो उसकी ‘दूसरा उत्तर कोरिया’ बन जाने की संभावना है।

बुश प्रशासन में पूर्व शीर्ष अमेरिकी राजनयिक जल्मी खलीलजाद ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘अमेरिकी ड्रोन हमले में तालिबान के नेता मुल्ला मंसूर के मारे जाने की पृष्ठभूमि में, अब समय आ गया है कि पाकिस्तान को सैन्य और असैन्य हर तरह की मदद देना रोका जाए और अंतरराष्ट्रीय तौर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की दिशा में बढ़ा जाए। आईएमएफ की ओर से उसे मिलने वाले वित्तीय सहयोग का भी नवीकरण न किया जाए।’’ अमेरिका में 9:11 हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रति अमेरिका की नीति में अहम भूमिका निभाने वाले खलीलजाद ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के खिलाफ ‘पूरी तरह अलग-थलग कर देने’ की नीति अपनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस तरह की नीति पाकिस्तान को यह संदेश देगी कि यदि वह अफगानिस्तान के प्रति अपना रवैया नहीं बदलता है तो उसपर ‘दूसरा उत्तर कोरिया’ बन जाने का संकट मंडरा रहा है।

खलीलजाद अमेरिका के इतिहास में सबसे उच्च स्तरीय पर तैनात मुस्लिम अमेरिकी रहे हैं। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में वह संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत थे। वह अफगानिस्तान में भी अमेरिकी राजदूत के रूप में तैनात रहे हैं। उन्होंने इराक में देश के राजनयिक मिशन का नेतृत्व किया था।