टिहरी जिले में कंडीगांव के बचन सिंह नेगी की कोई संतान नहीं है। लिहाजा उनकी गुजर-बसर, दवा का खर्च उत्तराखंड सरकार से मिलने वाली पेंशन के भरोसे ही है। लेकिन उन्हें पिछले कई महीनों से पेंशन मिलने का बेसब्री से इंतजार है।

समाज कल्याण विभाग थौलधार प्रखंड में पिछले आठ महीने से पात्र लोगों को पेंशन ही नहीं दे रहा है, जिससे बचन सिंह सहित कई निराश्रित वृद्धों, विधवाओं और विकलांगों को दर दर भटकना पड़ रहा है। इससे प्रखंड में 5491 पेंशनर्स बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

दूसरी ओर जिला समाज कल्याण विभाग ब्लॉक के पात्र पेंशनर्स को पेंशन देने की बजाए बीते मार्च महीने में सभी खातेदारों के बैंक खातों में पेंशन भेज दिए जाने के हवाई दावे कर रहा है। ब्लॉक के पेंशनर्स बचन सिंह नेगी की तरह ही वृद्धा पिंगला देवी की भी यही कहानी है। उनकी बेटियों की शादी हो चुकी है और कोई बेटा भी नहीं है। लिहाजा सरकारी पेंशन से जैसे-तैसे गुजर-बसर चलती थी। लेकिन सरकार ने उनके खाते में आठ महीने से कोई पेंशन नहीं भेजी।

इससे उन्हें भारी आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के सभी पेंशनर्स की यही शिकायत है। विकासखंड में पात्र लोगों को आठ महीने से विधवा, वृद्धावस्था, विकलांग पेंशन, किसान, तीलू रौंतेली पेंशन किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे गरीब लोग आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली के प्रति उनमें आक्रोश व्याप्त है। ब्लॉक में 3771 वृद्धावस्था, विधवा 668, विकलांग 644, किसान 390 और तीलू रौंतेली पेंशन के 18 लाभार्थी हैं।

ब्लॉक समाज कल्याण अधिकारी गजेंद्र उनियाल की मानें तो जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी पत्र के हवाले से बताया कि मार्च 2016 को थौलधार प्रखंड के पेंशनर्स की पेंशन खाते में डाल दी गई है। मगर वह अभी तक खातेदारों तक नहीं पहुंच पाई।