विभागीय संविदा पर रखे जाने की अपनी एक सूत्री मांग को लेकर अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित सचिवालय कूच करते उपनल कर्मचारियों पर पुलिस ने मंगलवार को जमकर लाठियां भांजी।

पुलिस की इस कार्रवाई में 15 से ज्यादा कर्मचारी घायल हो गए। घायल उपनल कर्मियों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कर्मचारियों ने मंगलवार को सीएम आवास कूच का ऐलान किया था।

उत्तराखंड के 18 हजार से ज्यादा उपनल कर्मचारी सोमवार से अपनी मांग को लेकर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार पर हैं। कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें सचिवालय से पहले ही रोक लिया। जहां नोंकझोंक के बाद पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठियां बरसाईं।

लाठी चार्ज में विभिन्न जिलों से आंदोलन में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंचे कर्मचारियों को चोटें आई हैं। पुलिस के लाठीचार्ज से नाराज कर्मचारी सुभाष रोड में सड़क के बीचों बीच धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि लाठीचार्ज के लिए दोषी एसपी सिटी को सस्पेंड किया जाए।

उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने कहा कि कर्मचारियों पर बैरिकेडिंग तक पहुंचने से पहले ही लाठीचार्ज किया गया। लाठीचार्ज कर कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों में महासचिव महेश भट्ट, उपाध्यक्ष कुशाग्र जोशी, प्रदेश सचिव हर्षवर्धन लोहनी, प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज पालीवाल, आशुतोष पुरोहित, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष विजय राम खंकरियाल, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष धीरज कांडपाल, सोबन सिंह, दीपक चौहान, संदीप भोटिया, आशीष कपरवाण, कमल गडिया, गिरीश कुमार, अचल वर्मा, त्रिभव बसेरा, रमेश, रजनी भंडारी, अंजली नौटियाल, रजनी ध्यानी, अनीता आदि शामिल रही।

ये कर्मचारी हुए हैं घायल
शैलेंद्र रावत, अमित भारद्वाज, दीपक चौहान, संदीप, धर्म सिंह, दीपक भट्ट आदि विभिन्न कर्मचारियों को चोटें आई हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें उपचार के लिए दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल में उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। इससे नाराज सैकड़ों कर्मचारी अस्पताल पहुंचे तो घायलों को भर्ती किया गया।