रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश से मुख्य बाजार से लेकर गांधी नगर कस्बे के बीच करीब 90 फीट लम्बी दरार पड़ने से कई आवासीय भवन और व्यावासायिक भवन खतरे की जद मे आ गए हैं।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने तहसील प्रशासन से उचित इंतजाम करने की मागं की है। वहीं जिलाधिकारी ने एक सर्वेक्षण टीम को सर्वे के लिए भेज दिया है।

दरअसल करीब डेढ घटें की मूसलाधार बारिश से तहसील कार्यालय के सामने से लेकर गांधीनगर कस्बे तक दरार पड़ने से दो दर्जन से भी ज्यादा आवासीय मकान खतरे की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दरार बढ़ती जा रही हैं।

कई लोगों ने तो घर खाली कर दिए हैं, लेकिन जिनके पास कुछ नहीं है और जो किराए पर घर नहीं ले सकते वे लोग आज भी उन्ही घरों में रात काटने को मजबूर हैं। जमीन लगातार धस रही है।

पहले भी जिला प्रशासन ने सर्वें कराया था और लोगों को आश्वासन दिया था कि उचित इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन 2012 से अब तक कोई इंतजाम नहीं किया गया। लोग आज भी सरकार की राह देख रहे हैं। डीएम ने तहसीलदार को निर्देषित किया कि उक्त स्थान का निरीक्षणकर रिर्पोट तुरन्त पेश करें।

इस पर तहसीलदार का कहना है कि 90 से लेकर 100 फीट लम्बी यानी 35 मीटर लम्बी दरार पड़ी हुई है। जिनमें लगभग 20 से 25 आवास काफी खतरे में हैं। सुरक्षा दीवार देने की बात कही गई है और अपनी रिर्पोट डीएम को भेज दी है।

इस खतरे की जद में ऊखीमठ की जनता आज से नहीं पिछले कई सालों से है पर अभी तक क्यों प्रशासन नजर फिराए बैठा है।