चार और पांच जुलाई को होने वाले उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में 40 हजार करोड़ का बजट पास किया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई है। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पास हुए हैं, जिनमें उत्तराखंड पर्वतीय भूमि जोत सुधार एवं व्यवस्था विधेयक-2016, यूपी नगर निगम अधिनियम के विधेयक में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे कैबिनेट की बैठक हुई। इससे पहले बजट को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बाद में यह भी तय हुआ कि विधानसभा सत्र में विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा, जिसे बहुमत से पास कराया जाएगा।

इसके अलावा बैठक में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ढांचे को पुनर्गठित करने के अतिरिक्त कार्मिक विभाग की विनियमितीकरण नियमावली के तहत उच्च शिक्षा में विभाग के राजकीय महाविद्यालयों में तैनात साल 2003 के तदर्थ/अंशकालिक और साल 2006 व 2008 के संविदा शिक्षकों का विनियमितीकरण किए जाने के मसौदे को मंजूरी दी गई।

एक अन्य फैसले में सूचना प्रौद्योगिकी निर्माता इकाइयों को कुछ शर्तों के साथ केंद्रीय बिक्री कर में छूट देने की बात भी तय की गई है।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए अन्य प्रमुख प्रस्ताव

  • राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी। 255 से बढ़ाकर 292 पद किए गए।
  • आईटी कंपनियों को सीएसटी में शत-प्रतिशत छूट
  • उच्च शिक्षा में 222 संविदा प्रवक्ता होंगे नियमित
  • विभिन्न खेलों में पदक पाने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न पदों पर नौकरी, खेल अकादमी के संचालन के लिए मिलेगा 25 फीसदी अनुदान।
  • रेशम नियमावली को मंजूरी।
  • उरेडा के तहत सोलर पवार प्लांट के लिए 1,048 हेक्टेयर जमीन देने को मंजूरी।
  • उत्तराखंड पर्वतीय भूमि जोत सुधार एवं व्यवस्था विधेयक-16 को मंजूरी।
  • यूपी नगर निगम अधिनियम-1959 में संशोधन को मंजूरी।
  • चीड़ पीरूल के अभिवहन पर छूट।
  • खागी जाति के बजाय खागी-चौहान को ओबीसी श्रेणी में रखा जाएगा।
  • एलटी इंडस्ट्री श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को विलंब भुगतान अभिभार में छूट।
  • निजी सचिव का ग्रेड-पे 4600 से बढ़ाकर 5400 किए जाने की मंजूरी।