उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार से बीजेपी सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तीखा हमला बोला है। निशंक ने कहा कि सीबीआई जांच से पहले ही उन्हें जनता से माफी मांगकर राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। ‘स्टिंग वीडियो’ की जांच में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।

सोमवार को रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से वार्ता में निशंक ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के कांग्रेस से मिल रहे पांच-पांच करोड़ को दरकिनार कर बीजेपी के साथ खड़े होना स्वीकार किया, लेकिन जिन विधायकों को कांग्रेस ने खरीद लिया वह उनके साथ हैं।

मुख्यमंत्री हरीश रावत के ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में यह साफ-साफ दिखाई भी दे रहा है। पैसों के लेन-देन की बात वह अपने मुंह से भी कर रहे हैं। निशंक ने कहा कि रावत को सीबीआई जांच से पहले जनता से माफी मांग लेनी चाहिए। उसके बाद राजनीति से संयास ले लेना चाहिए। लेकिन उनकी मंशा ठीक नहीं है। इसीलिए वह ‘स्टिंग’ की सीबीआई जांच न कराकर दरोगा से करवाना चाहते थे।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की ‘शंखनाद रैली’ में पैसे देकर बुलाई गई भीड़ वाले बयान पर सांसद निशंक ने कहा कि वह कब से राजनीति करने लगे। उन्होंने शंकराचार्य से राजनीति न करने का अनुरोध किया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शंकराचार्य का सम्मान करते हैं। जिस कार्य के लिए उनको पीठ में बैठाया गया है वह उसी कार्य को करें। हिंदू समाज की भावनाओं को आहत न करें। उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज की मुलाकात को सामान्य मुलाकात बताया।