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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित शंखनाद रैली के जरिए राज्य में चुनावी शंखनाद कर दिया है। लोगों का मूड भांपने में माहिर अमित शाह ने अपने 28 मिनट के भाषण में स्थानीय मुद्दों को शामिल करते हुए जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश की। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अगली बार हमें मौका दीजिए, हम इसे देश का नंबर एक राज्य बनाएंगे।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हरीश रावत को घेरा। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, मोदी सरकार से दो साल के कामकाज का हिसाब मांग रहे हैं। वो हरीश रावत से क्यों नहीं पूछ रहे हैं कि उन्होंने दो साल में क्या-क्या किया।

रावत ने पिछले दो साल के अंदर शराब घोटाला और जमीन घोटाला किया, उनका खुद का स्टिंग ऑपरेशन हो गया। उन्होंने कहा कि फ्लोर टेस्ट के दौरान एक-एक विधायक को 5-5 करोड़ रुपये दिए गए, जिसने पांच-पांच करोड़ ले लिया वो वहां हैं, जिसने नहीं लिया वो हमारे साथ मंच पर मौजूद हैं।

बता दें कि फ्लोर टेस्ट के दौरान हरीश रावत के पक्ष में 32 विधायक खड़े हुए। अमित शाह ने कहा, इन 32 विधायकों में से एक भी ऐसा नहीं है जिसे लाल बत्ती न मिली हो। जनता के पैसे से हरीश रावत अपनी सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने जनता के साथ संवाद स्थापित किया। अपने द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब वो भीड़ से पूछते रहे। उन्होंने भीड़ से पूछा कि हरीश रावत का स्टिंग देखा था कि नहीं। हरीश रावत अपनी सरकार को बचाने के लिए जो पैसे खर्च कर रहे हैं वो किसका है? भीड़ से आवाज आई, हमारा है।

फिर उन्होंने पूछा, अगर पैसा आपका है तो इस भ्रष्टाचारी सरकार को बर्दास्त क्यों कर रहे हैं? उखाड़ फेंको इस भ्रष्टाचारी सरकारी को। फिर कहा चलो कुछ दिन और बर्दास्त कर लो, जब चुनाव आए तो इस सरकार को उखाड़ फेंकना। हमें मौका देना हम वादा करते हैं कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी का उपयोग पहाड़ के लिए करेंगे। उत्तराखंड को देश का नंबर एक राज्य बनाकर दिखाएंगे।

इस दौरान उन्होंने जनता को उत्तराखंड में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास की योजनाओं से भी अवगत कराया। जिसमें चारधाम यात्रा के सहायता, ऑल वेदर रोड के लिए 12,500 रुपये व कैलाश-मानसरोवर मार्ग को खोलना शामिल है।

शंखनाद रैली में शामिल होने वाले पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक व पदाधिकारी भी चुनावी रंग में रंगे दिखाई दिए। सभी ने हरीश रावत सरकार पर हमला बोला।