अनंतनाग उपचुनाव : महबूबा की जीत पर पीएम मोदी और राजनाथ ने दी बधाई

जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग विधानसभा उपचुनाव में शनिवार को 12,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के हिलाल अहमद शाह को हराया। इस चुनाव को राज्य में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की गठबंधन सरकार की लोकप्रियता की पहली कसौटी के रूप में देखा जा रहा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिह ने महबूबा को उनकी जीत पर बधाई दी। PM मोदी ने इसे ‘अभूतपूर्व जीत’ बताया। पीएम मोदी ने नतीजों के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अनंतनाग उपचुनाव में उनकी अभूतपूर्व जीत के लिए बधाई।’

राजनाथ ने महबूबा से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जी से फोन पर बात की और उन्हें अनंतनाग विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए बधाई दी।’

बीजेपी नेता राम माधव ने भी महबूबा को बधाई दी, जिन्हें राज्य में बीजेपी-पीडीपी की सरकार के गठन का श्रेय दिया जाता है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग में 22 जून को हुए मतदान में महबूबा को 17,701 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के हिलाल अहमद शाह को 5,616 वोट मिले।

नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार इफ्तिखार हुसैन मिसगर 2,800 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। कश्मीरी अलगाववादियों और आतंकवादियों के मतदान बहिष्कार के आह्वान के बीच यहां केवल 34 प्रतिशत वोट पड़े थे।

जम्मू एवं कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री महबूबा की इस अभूतपूर्व जीत को पीडीपी-बीजेपी गठबंधन को जारी रखने के उनके फैसले को जनसमर्थन के रूप में देखा जा रहा है। यहां सात जनवरी को तत्मकालीन मुख्यमंत्री व महबूबा के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उपुचनाव जरूरी हो गया था, जो अनंतनाग से विधायक थे।

महबूबा को मिला मत प्रतिशत उनके पिता को मिले मत प्रतिशत से लगभग दोगुना है। 2014 में सईद ने कांग्रेस के शाह को 6,000 वोटों के अंतर से हराकर यहां जीत दर्ज की थी। उस वक्त यहां 40 प्रतिशत मतदान हुआ था।

पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘उन्होंने मुफ्ती मोहम्मद सईद के दृष्टिकोण को लेकर लोगों का समर्थन जीता है।’
वहीं, विपक्ष ने महबूबा पर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर जीत हासिल करने का आरोप लगाया। कांग्रेस उम्मीदवार हिलाल अहमद शाह ने कुछ ईवीएम मशीनों में छेड़छाड़ के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ ईवीएम मशीनें उचित रूप से सीलबंद नहीं थीं और ये वास्तव में फर्जी वोट हैं।

शाह ने कहा, ‘उन्होंने वोटिंग मशीनें बदल दी। यह लोकतंत्र की हत्या है।’ कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) समर्थकों ने अनंतनाग के गवर्मेट डिग्री कॉलेज के मतगणना सभागार के भीतर हंगामा किया और सरकार के विरोध में नारेबाजी की, जिससे मतगणना की प्रक्रिया कुछ देर के लिए बाधित हुई।

निर्वाचन अधिकारियों ने जब उनके विरोधों पर ध्यान नहीं दिया तो विपक्षी कार्यकर्ता विरोधस्वरूप सभागार से निकल गए। उनके जाने के बाद मतगणना फिर शुरू हुई। हालांकि कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के लॉन में विरोध जारी रखा। पीडीपी ने इस विरोध को विपक्ष की हार की हताशा बताया। पीडीपी के विधायक अब्दुल रहीम राठेर ने बताया कि कांग्रेस उन स्थानों पर हारी है, जहां पूर्व में उनका जनाधार अच्छा था।

उन्होंने फर्जी वोटिंग के आरोपों को नकारते हुए कहा, ‘उनसे (कांग्रेस) इसी की उम्मीद थी।’ यहां से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के शाह और नेशनल कांफ्रेंस के मिसगर सहित आठ उम्मीदवार मैदान में थे। निर्वाचन क्षेत्र में 84,000 से अधिक योग्य मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 28,500 ने अलगाववादी नेताओं और आतंकवादियों की ओर से मतदान के बहिष्कार की अपील के बावजूद बुधवार को मतदान में हिस्सा लिया।