उत्तराखंड में औद्योगिक गतिविधियों को विकसित करने के लिए ऊधमसिंह नगर के काशीपुर में 803 एकड़ भूमि खरीदने की मंजूरी मिल गई है। नेपा लिमिटेड की इस भूमि को हस्तांतरित करने के लिए सिडकुल को अधिकृत किया गया है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये सिडकुल को जारी भी किए जा चुके हैं। हस्तांतरण के बाद प्रदूषण रहित ग्रीन इंडस्ट्रीज की स्थापना की जाएगी।

काशीपुर स्थित नेपा लिमिटेड फर्म पूर्व में न्यूज प्रिंट और पेपर निर्माण का कार्य करती थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बीमारू इकाई की श्रेणी में आ गई और मामला बीआईएफआर में चला गया। इधर केंद्र सरकार की अनुमति से फर्म को अपनी 803 एकड़ भूमि की बिक्री की अनुमति मिली। भारत सरकार की एक कैबिनेट बैठक में यह निर्णय हुआ कि इस भूखंड को उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित किया जाए।

उद्योग निदेशक डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के अफसरों के साथ कई दौर की बैठक के बाद अब दोनों सरकारों के बीच सहमति बन गई है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से सिडकुल को नोडल एजेंसी नामित करते हुए 75 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

यहां मास्टर प्लान से ग्रीन इंडस्ट्रीज विकसित किए जाने की तैयारी है, जिनमें सौर ऊर्जा, जूता उद्योग, होजरी, कपड़ा और खाद्य पदार्थों के निर्माण संबंधी इकाइयां स्थापित होंगी। इससे उद्योगों की स्थापना में तमाम विभागों से अनापत्ति का झंझट कम होगा। फिलहाल हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी होने का इंतजार है।

सितारगंज में बनाए जाने वाले टेक्सटाइल पार्क के लिए राज्य सरकार ने दो करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। 150 एकड़ में विकसित होने वाले इस पार्क में फिलहाल चार टेक्सटाइल कंपनियों को 60 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। गौरतलब है कि टेक्सटाइल पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तमाम तरह की रियायतें देने का प्रावधान किया गया है।