NSG में भारत को अनुमति दें, परमाणु अप्रसार के प्रयासों को मजबूती मिलेगी : फ्रांस

पेरिस।… दक्षिण कोरिया के सियोल में एनएसजी देशों की बैठक से पहले फ्रांस ने बुधवार को दृढ़ता से समूह की सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया। उसने सदस्य देशों से भारत को इसमें शामिल करने का आग्रह किया। फ्रांस ने कहा कि इसमें भारत को शामिल करने से ‘परमाणु प्रसार के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को मजबूती मिलेगी।’

फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि परमाणु नियंत्रण व्यवस्था में भारत के प्रवेश से ‘संवेदनशील वस्तुओं के निर्यात को विनियमित करने में बेहतर मदद मिलेगी, चाहे वह परमाणु, रसायन, जैविक, बैलिस्टिक या पारंपरिक सामग्री या प्रौद्योगिकी हो।’

‘एनएसजी में एक पूर्ण सदस्य के रूप मे भारत के प्रवेश को लेकर लंबे समय से दिए जा रहे समर्थन को देखते हुए फ्रांस इसके सभी सदस्यों से 23 जून को सियोल में होनेवाली बैठक में सकारात्मक फैसला लेने का अपील करता है।’

बयान में कहा गया है कि भारत और फ्रांस 1998 से ही सामरिक साझेदार हैं और ‘सामूहिक विनाश के हथियारों का अप्रसार और उनके वितरण को लेकर दोनों के साझा लक्ष्य हैं।’

फ्रांस का समर्थन ऐसे वक्त आया है, जब चीन ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में 23-24 जून की बैठक में एनएसजी के एजेंडे में भारत के आवेदन पर विचार के संभावना से इनकार कर दिया है।