उत्तराखंड में छह नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को केंद्र की हरी झंडी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण 5668 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। नए राष्ट्रीय राजमार्गों के बनने से लोगों के आवागमन की बाधा दूर होगी और अपने गंतव्यों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इन छह में से दो राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ेंगे।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राज्य में छह नए राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इनके निर्माण के लिए निर्माण एजेंसियां भी तय कर ली गई हैं। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था के साथ हुए करार के मुताबिक बजट भी तय कर दिया गया।

प्राधिकरण अब परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करवा रहा है। जैसे-जैसे भूमि अधिग्रहण का कार्य निपटता जाएगा राष्ट्रीय राजमार्ग बनने का काम शुरू होगा। उत्तराखंड के लिए स्वीकृत ये राष्ट्रीय राजमार्ग हरिद्वार से नगीना, नगीना से काशीपुर, रुड़की से गागलेरी और छुटमलपुर से गणेशपुर, गागलेरी से सहारनपुर, रामपुर से रुद्रपुर और रुद्रपुर से काठगोदाम के बीच बनाए जाएंगे।

प्राधिकरण ने इनका निर्माण कार्य कोर्सन आइसोल (फ्रांस), एमबीएल कॉंस्ट्रक्शन लिमिटेड, सद्भाव इंजीनियरिंग आदि निर्माण एजेंसियों को दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षेत्रीय अधिकारी एमपीएस राणा ने बताया कि परियोजनाओं के लिए काम शुरू हो गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण एजेंसियों का चयन करके कार्य अवार्ड कर दिया गया है।

  • हरिद्वार से नगीना, लागत 989 करोड़, एजेंसी कोर्सन आइसोल, 73 किमी
  • नगीना से काशीपुर, लागत-1290 करोड़, एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड, 175 किमी
  • रुड़की से गागलेरी, गणेशपुर, लागत-810 करोड़, एजेंसी एमबीएल कॉंस्ट्रक्शन लिमिटेड, 49 किमी
  • गागलेरी, सहारनपुर से यमुनानगर, लागत 1184 करोड़, एजेंसी एमबीएल कॉंस्ट्रक्शन लिमिटेड, 104.64 किमी
  • रामपुर से रुद्रपुर, लागत-738 करोड़, एजेंसी सद्भाव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, 42.791 किमी
  • रुद्रपुर से काठगोदाम, लागत-657 करोड़, एजेंसी सद्भाव इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, 42.791 किमी