पौड़ी जिले में कोटद्वार तहसील के घाड़ क्षेत्र के बल्ली निवासी एक महिला ने खुद भी जहर खाया, और अपने तीन मासूमों बच्चों को भी दूध में जहर देकर मारने की कोशिश की। यह पूरी घटना मंगलवार सुबह की है। जहर का असर होने पर मासूम तड़पने लगे तो गांव वाले उनकी मदद के लिए पहुंचे। बच्चों के घर का मंजर देखकर ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

जहर खाने से महिला की मौत हो चुकी थी, जबकि उसके तीनों बच्चे घर के एक कोने में तड़प रहे थे। गांव के लोग आनन-फानन में तीनों बच्चों को जीप में डालकर कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उनकी स्थिति को गम्भीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें देहरादून रैफर कर दिया।

poison-sonमां के जहर पिलाने के बाद नाजुक हालत में एक बच्चा

बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही मृतक महिला की अपने पति के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। पति के हरिद्वार जाने के बाद महिला ने आत्मघाती कदम उठाते हुए न केवल खुद जहर खाया, बल्कि अपने तीनों बच्चों को भी जहर देकर मारने की कोशिश की।

हरिद्वार में एक प्रिटिंग प्रेस में नौकरी करने वाले महिला के पति को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली तो वह भी दौड़ा-दौड़ा कोटद्वार के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय आ पहुंचा और बच्चों की हालत देखकर फफक-फफक कर रोने लगा।

उधर दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के गृहनगर की लचर स्वास्थ्य सेवाओं की एक बार फिर से पोल खुल गई, जबकि इलाज के आभाव में तीनों बच्चों को देहरादून रैफर करना पड़ा।