पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय (फाइल फोटो)

पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का उत्तराखंड दौरा सत्तारूढ़ कांग्रेस की चिंता बढ़ाने लगा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि बीते कुछ महीनों के अंदर ही बीजेपी के 12 केंद्रीय नेता राज्य का दौरा कर चुके हैं। आखिर इसका क्या मतलब हो सकता है।

किशोर उपाध्याय ने कहा कि राजनाथ सिंह आए और चले भी गए, लेकिन उत्तराखंड को कुछ नहीं दिया। देना तो दूर राज्य के बारे में कुछ बोला भी नहीं। राज्य की जनता को उनसे काफी उम्मीदें थीं कि कम से कम राज्य के रोके गए बजट पर वे कोई साकारात्मक कदम उठाएंगे, लेकिन जनता निराश हुई।

उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के कैराना और उत्तराखंड के लंढौरा में सांप्रदायिक मतभेद फैलाने में जुटी बीजेपी नेताओं का अचानक पैदा हुआ उत्तराखंड प्रेम तो कुछ और ही अंदेशा पैदा कर रहा है। अगर उनकी मंशा साफ है तो राज्य के विकास की बात क्यों नहीं होती। उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी तो मानो ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे राज्य में चुनाव बस होने ही वाले हैं।

उत्तराखंड को चुनाव की नहीं बल्कि विकास की जरूरत है। बीजेपी के राज्य का नेतृत्व तो बुरी तरह फ्लॉप हो ही चुका है और उनकी सारी उम्मीदें अब केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हुई हैं, लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि बीते दिनों भी बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड में सक्रिय हुआ था और सरकार को गिराने का काम किया गया।