बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी राज्य उत्तराखंड की दो दिवसीय यात्रा के दौरान संगठन की धार तेज करेंगे। इस दो दिवसीय दौरे के तहत 25 जून को हरिद्वार पहुंचने वाले अमित शाह का मुख्य उद्देश्य राज्य में बूथ प्रबंधन की थाह लेना है।

इसके अलावा इस दौरे में ही राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के लिए नए चेहरे पर मंथन होगा। यही नहीं हाल में कांग्रेस से बगावत करने के बाद बीजेपी में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत सहित अन्य बागियों की नई भूमिकाओं पर भी मंथन होगा।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह की जगह केंद्रीय संगठन की कमान संभालने वाले अमित शाह का बूथ प्रबंधन पर सर्वाधिक जोर रहा है। शाह उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी चुनाव से बहुत पहले एक-एक बूथ पर 10-10 कार्यकर्ताओं की टीम हर हाल में खड़ी कर लेना चाहते हैं।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के एजेंडे में तीन मुद्दे सबसे अहम है। इसमें सबसे पहले बूथ प्रबंधन, दूसरा नेता प्रतिपक्ष के लिए नया चेहरा और तीसरा कांग्रेस से बीजेपी में आए नेताओं की नई भूमिका है।

उत्तराखंड पहुंचने से पहले ही अमित शाह ने बूथ प्रबंधन की दिशा में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब कर ली है। जाहिर है कि यहां पहुंचने के बाद शाह सबसे पहले बूथ प्रबंधन मामले में नए दिशा-निर्देश जारी करेंगे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अजय भट्ट को संगठन की कमान दिए जाने के बाद केंद्रीय नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष सहित संगठन से जुड़े अन्य पदों के बारे में फैसला करेगा।

इनमें खासतौर से बहुगुणा और हरक रावत के लिए नई भूमिका तलाशी जाएगी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व को राज्य संगठन में व्यापक गुटबाजी की भी शिकायत मिली है। शाह अपने दौरे में इन शिकायतों की भी पड़ताल करेंगे।