रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश से बद्रीनाथ हाईवे करीब बारह घंटे बंद रहा। हाईवे बंद होने से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शन को जा रहे करीब सात हजार तीर्थयात्री दिनभर रास्ते में फंसे रहे। शाम तीन बजे हाईवे फिर से चालू हुआ तो तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली।

दरअसल रविवार रात को चमोली से पांडुकेश्वर तक भारी बारिश हुई, जिससे सोमवार को तड़के तीन बजे बद्रीनाथ हाईवे बल्दौड़ा, पिनौला और पैनी में चट्टानी भाग से मलबा आने के कारण बंद हो गया।

पैनी के खनोली गदेरे में उफान आने से चार ढाबों को भी नुकसान पहुंचा है। हाईवे बंद होने से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब तीर्थयात्रियों के वाहनों जहां थे वहीं उनके पहिए थम गए।

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पुलिस प्रशासन ने सुबह करीब आठ बजे यात्रा वाहनों को जोशीमठ और गोविंदघाट में ही रोक लिया। पिनौला, पैनी और बल्दौड़ा में भी यात्री फंसे रहे। दिनभर तीर्थयात्री हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे और शाम करीब 3 बजे उनका यह इंतजार खत्म हुआ।

सुबह दस बजे सीमा सड़क संगठन की पांच मशीनों और सौ से ही ज्यादा मजदूरों ने हाईवे खोलने का काम शुरू किया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार शाम हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।

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सीमा सड़क संगठन के कमांडर आर. सुब्रमण्यम का कहना है कि भारी बारिश होने पर हाथी पर्वत से बैनाकुली तक हाईवे पर कई ऐसे बरसाती नाले हैं जो दिक्कत पैदा कर सकते हैं। हाईवे को अधिक समय तक बंद होने नहीं दिया जाएगा। हाईवे पर मशीनें और मैन पावर की तैनाती कर दी गई है।