धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कैलाश-मानसरोवर के लिए उत्तराखंड के राजमार्गों को अगले साल अप्रैल तक पूरा करना चाहती है। इससे लोगों को भगवान शिव के आवास के दर्शनों को जाने में सुविधा होगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इन राजमार्गों के जरिए अगले साल से कैलाश-मानसरोवर की यात्रा में सुगमता होगी। तिब्बत के प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल पर जाने के लिए राजमार्ग बनाने के वास्ते हिमालयी चट्टानों को काटा जा रहा है।

कैलाश-मानसरोवर काफी ऊंचाई पर स्थित है और इसपर लिपुलेख पास मार्ग तथा नाथूला मार्ग के जरिए पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग से अपील के बाद नाथुला मार्ग को चीन ने 2015 में खोला था।

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गडकरी ने कहा कि कैलाश-मानसरोवर हमारी संपन्न प्राचीन संस्कृति की पहचान है। हम पर्यटन और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं। हम हिमालयी क्षेत्र में चट्टानें काट रहे हैं, जिससे राजमार्ग के लिए रास्ता निकाला जा सके। मेरा ईमानदार प्रयास यह है कि राजमार्ग अगले साल अप्रैल तक तैयार हो जाए।

उन्होंने कहा कि हिमालय के दुर्गम क्षेत्र में राजमार्ग बनाना एक मुश्किल काम है, लेकिन इस पर काम काफी तेजी से चल रहा है। मंत्री ने कहा, ‘हम वहां नहीं जा सकते..उसका इतिहास है। पिथौरागढ़ से मानसरोवर जाने के लिए नई सड़क बनाना काफी मुश्किल है। चट्टानें काटने के लिए हमने ऑस्ट्रेलिया से मशीनें मंगाई हैं।’