पिछले दिनों हरिद्वार जिले में रुड़की के पास लंढौरा में हुए बवाल के बाद रविवार को पहली बार चैंपियन के पहुंचने पर क्षेत्र का माहौल फिर गरमाने लगा। उन्होंने ऐलान किया दंगाइयों की ओर से रंगमहल को खंडित करने पर इसकी दोबारा प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

इसके लिए 11 ब्राह्मणों को बुलाया गया है। चैंपियन ने चेतावनी दी कि 25 जून को किशोर उपाध्याय की ओर से कस्बे में निकाले जा रहे शांतिमार्च को उनके समर्थक कड़ा जवाब देंगे। गतिरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

लंढौरा में हुए बवाल के बाद पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से की गई महापंचायत को भले ही प्रशासन रोकने में सफल रहा हो, लेकिन मामला अभी शांत नहीं हुआ है। अब इस मामले में एक बार फिर से सियासत गरमाने लगी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की ओर से क्षेत्र में 25 जून को शांति मार्च की घोषणा के बाद अब चैंपियन समर्थकों ने भी हुंकार भरी है।

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पहली बार समर्थकों के साथ रंगमहल (लंढौरा) पहुंचे चैंपियन ने कहा कि किशोर उपाध्याय जले पर नमक छिड़कने कस्बे में आ रहे हैं। समर्थक उन्हें इसका कड़ा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि 25 जून को ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की हरिद्वार में रैली भी है, लेकिन खानपुर विधानसभा से आधे समर्थक ही वहां जाएंगे।

जबकि आधे समर्थक लंढौरा में रहेंगे। समर्थकों ने भी किशोर उपाध्याय को लंढौरा में नहीं घुसने देने का ऐलान किया है। इससे पहले चैंपियन ने कहा कि रंगमहल की आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा।

रंगमहल और धार्मिक स्थल की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें दलित लोगों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दलितों के सम्मान की रक्षा के लिए हरसंभव लड़ाई लड़ी जाएगी।