सांकेतिक तस्वीर

नैनीताल के ओखलकांडा ब्लॉक के एक गांव में दरिंदों ने दो साल की मासूम को हवस का शिकार बनाया। शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे के गंभीर हालत में बच्ची को हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर राजस्व पुलिस ने शक के आधार पर उसी गांव के दो लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें एक नाबालिग है।

जानकारी के मुताबिक पीड़ित बच्ची के माता-पिता गुरुवार शाम करीब पांच बजे उसे (पीड़िता को) घर में सुलाकर कुछ दूरी पर स्थित खेत में काम करने गए थे।

कुछ देर बाद जब लौटे तो घर की खिड़की टूटी हुई थी और कमरे में मौजूद बच्ची दर्द से विलख रही थी। बच्ची खून से लथपथ थी। यह देख बच्ची के माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने पड़ोस के लोगों को घटना की जानकारी दी और गांव में ही बच्ची का इलाज कराना चाहा, लेकिन गांव में बच्ची की हालत खराब थी और वहां उसका इलाज नहीं हो सकता था।

रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पीड़िता को लमगड़ा (अल्मोड़ा) के 108 वाहन से हल्द्वानी ले जाया गया। 108 ने ही घटना की सूचना धारी के तहसीलदार को दी। 108 के धारी पहुंचने पर तहसीलदार खलिक ने पीड़िता को देखा और उसके परिजनों से बातचीत की।

रात करीब पौने दो बजे लमगड़ा की 108 ने केस को भीमताल की 108 के सुपुर्द कर दिया। शुक्रवार सुबह चार बजे पीड़िता को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी ललित सिंह गैड़ा ने सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के परिजनों से घटना को लेकर पूछताछ की।

पीड़िता के पिता ने गांव के ही लोगों पर शक जताते हुए पटवारी को शिकायत दी। तहसीलदार नवाजिश खलिक ने बताया कि मामले में पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर उसी गांव के नवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक नाबालिग और एक अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। राजस्व पुलिस दोनों को धारी तहसील में ले आई।