अब बेसिक शिक्षक बनना होगा कठिन – मेरिटवार चयन प्रक्रिया होगी खत्म, परीक्षा से होगा चयन

बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनना अब आसान नहीं होगा। शिक्षा विभाग वर्षवार-मेरिटवार चयन प्रक्रिया को खत्म कर परीक्षा के जरिये चयन की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। एलटी और प्रवक्ता कैडर में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसे लागू करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है।

बेसिक स्कूलों में हर साल करीब 500 शिक्षक रिटायर हो जाते हैं। राज्य के डायटों की डीएलएड पाठ्यक्रमों की क्षमता 650 सीट की है।

तीन परीक्षाएं करनी होंगी पास
पहली परीक्षा:
इस साल 31 मार्च 2016 से बेसिक शिक्षक के लिए बुनियादी शैक्षिक योग्यताएं बदल चुकी हैं। अब डीएलएड अथवा बीएलएड ही इसके पात्र हैं। राज्य के डायटों में डीएलएड की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। इसमें चयन परीक्षा के जरिए ही चयन होता है। यह दो साल का पाठ्यक्रम है।

दूसरी परीक्षा: डीएलएड पूरा करने के बाद अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना भी अनिवार्य है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के मानकों के मुताबिक पहली सें पांचवीं कक्षा के शिक्षक के लिए टीईटी-1 और छठी से आठवीं कक्षा के शिक्षक के लिए टीईटी-2 पास होना जरूरी है।

तीसरी परीक्षा: डीएलएड और टीईटी की परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी ही बेसिक शिक्षक भर्ती में शामिल होने के पात्र होंगे। इस चयन परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों में मेरिट के अनुसार शिक्षकों को चयन किया जाएगा।