उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी भागीदारी पर्यटन की ही है। ऐसे में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार अब डाक बंगलों पर फोकस करने जा रहा है। इसके तहत राज्यभर के डाक बंगलों की अनकही कहानियां (अनटोल्ड स्टोरी) तैयार की जाएंगी। इसके लिए राज्य के प्रमुख लेखकों की मदद ली जाएगी। फिर इनका भरपूर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

यही नहीं इस कवायद के लिए बाकायदा ईको टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड में दो उपाध्यक्ष और तीन सदस्य जनप्रतिनिधि नामित होंगे। इसके अतिरिक्त डाक बंगलों में लोकल क्राफ्ट के शो-केस तैयार किए जाएंगे, जिसके लिए स्थानीय काष्ठकारों को रियायती दर पर लकड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे तमाम फैसले गुरुवार को इको टूरिज्म की समीक्षा बैठक में लिए गए।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में हुई बैठक में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन व पर्यटन विभाग को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इको टूरिज्म कॉरपोरेशन को शीघ्र क्रियाशील किया जाए और वन ग्रामों में इको टूरिज्म सोसाइटी गठित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 प्रतिशत वन क्षेत्रों से जुड़े गांवों और अन्य क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को संचालित करके आय के संसाधन विकसित किए जाएं। वन व पर्यटन ट्रैकिंग रूटों को चिन्हित कर आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाएं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आवाजाही करें।

उन्होंने गोमुख के ट्रैक को प्रतिबंधों के साथ ट्रैकिंग के लिए खोलने, पीक फीस के निर्धारण तथा ट्रैकिंग परमिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया को सरल बनाने की बात भी कही। इसके लिए सिंगल विंडो प्रणाली लागू की जाए। बीच कैंपिंग पॉलिसी को भी शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश उन्होंने दिए।

साथ ही बर्ड वॉचिंग, हाउस कीपिंग, नेचर गाइड जैसे कार्यक्रमों के संचालन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव पर्यटन शैलेश बगौली, सचिव गृह विनोद शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक आरके महाजन सहित वन व अन्य विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।